CBN36 वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित समूहों के विद्यार्थियों के लिए प्रबंधन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। सोमवार को ग़ालिब सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की।
कार्यशाला में ग्लोबल बुद्धिस्ट मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर, कोलकाता के निदेशक डॉ. जसबीर सिंह चावला ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने जातक कथाओं में वर्णित प्रबंधन के सिद्धांतों की चर्चा करते हुए व्यक्तित्व विकास में उनकी उपयोगिता समझाई। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए व्यक्ति का आचरण अच्छा होना चाहिए। अतिवादी भावनाओं से बचते हुए सम्यक दृष्टि का पालन करना जरूरी है।
डॉ. चावला ने कहा कि जातक कथाओं में ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ का सूत्र दिया गया है। इसे जीवन में आत्मसात कर समाज के व्यापक हित में कार्य करना चाहिए।
मराठी साहित्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. शैलेश मरजी कदम ने डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से डॉ. आंबेडकर उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सपकाले ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई। इस अवसर पर डॉ. एच.ए. हुनगुंद, डॉ. हेमचंद्र ससाने, बी.एस. मिरगे, हेमंत दुबे, मिथिलेश राय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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