
रायगढ़ से हरियाणा तक फैला था लकड़ी तस्करी का नेटवर्क, फर्जी परमिट से देते थे अवैध कारोबार को वैध रूप
CBN36 रायगढ़। खैर और तेंदू की बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और अंतरराज्यीय तस्करी के बड़े नेटवर्क का रायगढ़ पुलिस और वन विभाग ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सिंडिकेट के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की कीमत की लकड़ी समेत तस्करी में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया है। नेटवर्क का एक आरोपी अब भी फरार है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई कार्रवाई में सामने आया कि रायगढ़ के धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार के वन क्षेत्रों से ग्रामीणों को लालच देकर खैर और तेंदू के पेड़ कटवाए जाते थे। लकड़ी को जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित गोदाम में जमा किया जाता था। यहां उसकी छिलाई और अन्य प्रक्रिया के बाद ट्रांसपोर्ट के जरिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों में भेजा जाता था।
फर्जी टीपी से चल रहा था खेल

पुलिस जांच में पता चला कि तस्करी की लकड़ी को वैध दिखाने के लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) का इस्तेमाल किया जा रहा था। वन विभाग ने 5 मई 2025 को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में छापा मारकर बड़ी मात्रा में तेंदू और खैर की लकड़ी बरामद की थी। जांच के दौरान प्रस्तुत टीपी पर संबंधित वन अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ की शिकायत पर जूटमिल थाने में अपराध दर्ज किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कराई। जांच में सिंडिकेट की कड़ियां सामने आने के बाद रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया गया।
ट्रक में भी मिली लकड़ी, गोदाम में भी बड़ा स्टॉक

वन विभाग की कार्रवाई में ट्रक सीजी 15 डीवी 7577 से तेंदू के 42 लट्ठे, करीब 1.731 घन मीटर लकड़ी मिली थी। गोदाम से तेंदू और खैर के 146 लट्ठे, करीब 6.741 घन मीटर, नौ चट्टा जलाऊ लकड़ी, कटर मशीन, वजन मशीन, दो कुल्हाड़ी और हथौड़ा भी जब्त किया गया था।
एसएसपी ने कहा- नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति पर होगी कार्रवाई
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने सिंडिकेट की मुख्य कड़ियों को पकड़ लिया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए लकड़ी तस्करी को वैध दिखाने वालों की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
तीन गिरफ्तार, एक फरार
गिरफ्तार आरोपी: रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान।
फरार: भरत कुमार मेश्राम।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
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