बलौदाबाजार। सड़क हादसों में दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ किसी भी घायल के लिए जीवन और मौत के बीच का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। रविवार को हलवाई खपरी के पास हुए एक सड़क हादसे में डायल 112 की टीम ने इसी गोल्डन आवर का महत्व साबित कर दिया। तेज रफ्तार माजदा वाहन सड़क से नीचे उतर गया और चालक केबिन में गंभीर रूप से घायल होकर फंस गया था। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली की डायल 112 टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और घायल को सुरक्षित निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल इलाज शुरू किया गया।

दोपहर करीब तीन बजे कंट्रोल रूम को दुर्घटना की सूचना मिली। इवेंट मिलते ही डायल 112 (बाज-02) में तैनात आरक्षक राजेश लकड़ा और वाहन चालक दुर्गेश साहू घटनास्थल के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि माजदा वाहन सड़क से नीचे उतर चुका था और चालक शेखर निषाद (24), निवासी हलवाई खपरी केबिन में फंसा हुआ था। उसके पैर और आंख के पास गंभीर चोटें थीं तथा लगातार रक्तस्राव हो रहा था।
पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सावधानीपूर्वक वाहन से बाहर निकाला और प्राथमिक राहत देते हुए तत्काल डायल 112 वाहन से जिला अस्पताल बलौदाबाजार पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में डायल 112 केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समय पर राहत और रेस्क्यू के जरिए लोगों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यशैली के कारण घायल चालक को समय रहते चिकित्सकीय सहायता मिल सकी, जिससे बड़ा खतरा टल गया।
प्रधान संपादक


