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June 30, 2026 4:34 pm

पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल की उल्टी गिनती, कभी भी जारी हो सकती है तबादला सूची

बस्तर के कई एसपी की मैदानी जिलों में तैनाती के संकेत, रायपुर कमिश्नरेट के युवा आईपीएस संभाल सकते हैं नक्सल जिलों की कमान

रायपुर,छत्तीसगढ़। प्रदेश में प्रशासनिक तबादलों के बाद अब सबसे ज्यादा निगाहें पुलिस विभाग की बहुप्रतीक्षित तबादला सूची पर टिक गई हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से अटकी पुलिस अधिकारियों की सूची अंतिम दौर में है और कभी भी जारी की जा सकती है। सूची को लेकर सत्ता, संगठन और सरकार के शीर्ष स्तर पर मंथन लगभग पूरा हो चुका है।

सूत्रों के अनुसार, नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में लंबे समय से पदस्थ बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर के पुलिस अधीक्षकों को मैदानी जिलों में नई जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इस संबंध में शीर्ष स्तर पर अंतिम निर्णय हो चुका है और अब केवल आदेश जारी होना बाकी बताया जा रहा है।

चर्चा है कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में पदस्थ चार तेजतर्रार युवा आईपीएस अधिकारियों, जो वर्तमान में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं, को बस्तर के रिक्त होने वाले जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो नक्सल मोर्चे पर नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

न्यायधानी’ सहित दो एसएसपी को राहत

एक ओर जहां कई जिलों में बदलाव की सुगबुगाहट है, वहीं राज्य के दो बड़े जिलों के एसएसपी को बड़ी राहत मिली है। सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों के प्रदर्शन और प्रशासनिक तालमेल को देखते हुए सरकार ने उन्हें आगामी कुछ महीनों के लिए कार्यकाल विस्तार (एक्सटेंशन) दे दिया है। इनमें न्यायधानी भी शामिल है। वहीं मुंगेली, कोरबा, सूरजपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बेमेतरा सहित कई जिलों में एसपी स्तर पर बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि एसपी स्तर के फेरबदल के साथ लगभग 17 से 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और 70 से 80 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तबादला सूची भी तैयार है। इन आदेशों के भी शीघ्र जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

बस्तर में पिछले चार वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे पुलिस कर्मियों को मैदानी जिलों में पदस्थ करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीं, पूर्व में बस्तर भेजे गए 61 पुलिस कर्मियों को अब तक रिलीव नहीं किए जाने से उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद विभाग पर दबाव भी बढ़ा है।

इसी बीच वर्ष 2013 बैच के अधिकारियों तथा पदोन्नति के बाद निरीक्षक बने पुलिस अधिकारियों के बीच भी हलचल तेज है। सूत्रों का कहना है कि करीब पौने दो सौ अधिकारियों और कर्मचारियों को बस्तर भेजे जाने की तैयारी की गई है, जिससे पूरे पुलिस महकमे में तबादलों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

हालांकि पुलिस मुख्यालय की ओर से अभी तक किसी भी संभावित सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में पूरे पुलिस महकमे की निगाहें अब उस आदेश पर टिकी हैं, जो जारी होते ही प्रदेश के कई जिलों की पुलिस व्यवस्था की तस्वीर बदल देगा।

सत्ता-संगठन के बीच मंथन

फिलहाल, सत्ता के गलियारों में सरकार और संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इसे लेकर मंथन चल रहा है। इस पूरी कवायद को प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन अंदरखाने में चर्चा यह है कि यह मंथन कितना फलदायी होगा, यह लिस्ट जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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