बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण विप्र संघ खारंग परिक्षेत्र की मासिक बैठक ग्राम सेलर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पुनर्गठन, सदस्यता विस्तार, युवा सहभागिता तथा संगठनात्मक अनुशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से संगठन के वरिष्ठ सदस्य जगदीश गुरूद्वान, कुशल प्रसाद शर्मा, भागवत प्रसाद तिवारी एवं चंद्रिका प्रसाद तिवारी को संगठन के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा वार्षिक सदस्यता अभियान को गति देने के लिए विभिन्न गांवों का भ्रमण कर सदस्यता शुल्क संग्रहित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में खारंग परिक्षेत्र के सीस से गतौरा तक के गांवों के युवा विप्रों को संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से निकट भविष्य में युवा सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के युवाओं की सक्रिय भागीदारी संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस दौरान युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के बैनर तले संगठन की स्वीकृति के बिना मकर संक्रांति पर्व पर अशोक वाटिका में आयोजित कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। उपस्थित विप्रजनों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।
युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के अध्यक्ष अंकित गौरहा ने कहा कि संगठन की जानकारी एवं अनुमति के बिना बेलतरा क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि द्वारा अपने दो व्यावसायिक सहयोगियों के साथ मिलकर राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन के नाम और बैनर का उपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कृत्य से समाज के वरिष्ठजनों और युवा वर्ग ने स्वयं को उपेक्षित महसूस किया है। इसी कारण बैठक में नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित आयोजन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में प्रदीप शास्त्री, अर्जुन तिवारी, विरेन्द्र गौरहा, राम अवतार पांडेय, ओंकार शर्मा, राजेन्द्र तिवारी, डॉ. सुरेश चन्द्र शर्मा, ईश्वर प्रसाद तिवारी, परमेश्वर तिवारी, अश्वनी पांडेय, मदन मोहन पांडेय, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, सनत शर्मा, संतोष कुमार मिश्रा, योगेश्वर दुबे, अंकित गौरहा, रितेश शर्मा, महेन्द्र पांडेय, शोभाकांत तिवारी, अवधेश शर्मा, कृष्णा पांडेय, चंद्रेश तिवारी, सतीष तिवारी, अभिषेक शर्मा, लक्ष्मीनारायण पांडेय, संतोष तिवारी, आलोक शर्मा, ज्योतिष तिवारी एवं आयुष तिवारी सहित बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।
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