बिलासपुर CBN36 । बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने बुधवार को पुलिस ग्राउंड स्थित बिलासगुड़ी हॉल में जिला स्तरीय बाल संरक्षण हितधारकों की तृतीय अभिसरण बैठक आयोजित की। यूनिसेफ और काउंसेल टू सिक्योर जस्टिस (सीएसजे) के संयुक्त सहयोग से आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों, न्यायिक संस्थाओं, पुलिस, गैर-सरकारी संगठनों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में बच्चों के हित में समन्वित तंत्र विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव अनिल कुमार चौहान तथा सीएसजे की वरिष्ठ निदेशक उर्वशी तिलक विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक में कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों के लिए संचालित ‘दिशांत–नव नभ की ओर’ कार्यक्रम की उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी साझा की गई। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसिलिंग सेवाओं को मजबूत करने, बाल-अनुकूल नशामुक्ति सेवाएं उपलब्ध कराने तथा विद्यालय से बाहर बच्चों के लिए रात्रिकालीन विद्यालय जैसी पहल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी संबंधित विभागों ने इन विषयों पर सामूहिक प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बच्चों के समग्र संरक्षण और पुनर्वास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से संवेदनशील एवं बाल-अनुकूल संरक्षण तंत्र के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी), बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा और श्रम विभाग के अधिकारियों के अलावा सेंदरी मानसिक चिकित्सालय, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, एनटीपीसी एवं एसईसीएल के सीएसआर प्रतिनिधियों तथा हस्तक्षेप पुलिस थानों के चाइल्ड वेलफेयर पुलिस अधिकारियों (सीडब्ल्यूपीओ) ने भाग लिया। बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने विभागीय समन्वय को और मजबूत करने तथा बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और सकारात्मक विकास के लिए प्रभावी एवं समन्वित तंत्र विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
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