बिलासपुर CBN36।प्रदेश कांग्रेस ने राजीव भवन घेराव प्रकरण में कांग्रेस नेताओं पर दर्ज एफआईआर की कड़ी निंदा करते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है। कांग्रेस नेताओं ने एफआईआर वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इस कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभयनारायण राय ने जारी बयान में कहा कि 22 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंत्री और विधायक राजीव भवन घेराव के लिए पहुंचे थे। उनके अनुसार पुलिस ने शुरुआत में बैरिकेडिंग कर रोकने का प्रयास किया, लेकिन बाद में भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़कर राजीव भवन तक पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कार्यालय के बाहर हंगामा किया गया, पानी की बोतलें तथा जूते-चप्पल फेंके गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
अभयनारायण राय ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के बावजूद एफआईआर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई, जबकि अराजकता फैलाने वालों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखती है, लेकिन एकतरफा कार्रवाई स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस से दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की और कहा कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से भी इस घटनाक्रम पर माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।
कांग्रेस की इस मांग का समर्थन कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व महापौर रामशरण यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला और पूर्व शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक ने भी किया।यह समाचार कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस और भारतीय जनता पार्टी का पक्ष इसमें शामिल नहीं है।
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