अरपा नदी के संरक्षण के लिए विशेष अभियान शुरू
छतीसगढ़ ।बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार की दिशा में छत्तीसगढ़ स्टेट फारेस्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। निगम के कोटा परियोजना मंडल द्वारा पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025-26) के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से 27 लाख 14 हजार 350 पौधों का रोपण किया गया है, जिससे 951.980 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित आवरण विकसित हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित क्षेत्र के विस्तार को सतत भविष्य के लिए आवश्यक माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण, प्लास्टिक उपयोग पर नियंत्रण तथा जल प्रदूषण में कमी जैसे उपायों के माध्यम से पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही बंजर भूमि के पुनरुद्धार और सामुदायिक उद्यानों के विकास की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।
वृक्षारोपण के प्रमुख आंकड़े
निगम द्वारा 852 हेक्टेयर क्षेत्र के 66 कक्षों में लगभग 21.30 लाख पौधों का रोपण किया गया। इनमें मुख्य रूप से सागौन की बहुमूल्य प्रजातियों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त तेजी से वृद्धि करने वाले नीलगिरी एवं सागौन के उन्नत क्लोनल पौधों का भी रोपण किया गया। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से शहरी एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में 3.16 लाख से अधिक पौधे लगाकर ग्रीन कवर बढ़ाने का कार्य किया गया।
अरपा नदी संरक्षण के लिए विशेष पहल
अरपा नदी की पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत अरपा नदी के तटों पर 3.620 हेक्टेयर क्षेत्र में 20,300 पौधे रोपे जाएंगे। कम स्थान में घने जंगल विकसित करने की योजना के अंतर्गत नदी किनारों पर सघन ब्लॉक वृक्षारोपण और रामसेतु क्षेत्र में विशेष हरियाली विकसित की जाएगी, जिससे भू-क्षरण को रोकने में सहायता मिलेगी।
दूरगामी प्रभाव
वन विकास निगम के इन प्रयासों से न केवल बिलासपुर जिले के स्थानीय जलवायु संतुलन को मजबूती मिल रही है, बल्कि भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए मजबूत आधार भी तैयार हो रहा है। यह अभियान प्रदेश में हरित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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