
“एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा गुम मोबाइल की बरामदगी केवल एक फोन वापस करना नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीद और भरोसा लौटाना है। बिलासपुर पुलिस तकनीक और टीमवर्क के जरिए लगातार गुम मोबाइल की तलाश कर रही है। वर्ष 2026 में अब तक 1250 मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए जा चुके हैं। आगे भी हमारा प्रयास रहेगा कि हर संभव तकनीकी माध्यम का उपयोग कर लोगों की अमानत उन्हें वापस दिलाई जाए।”
CBN36 छत्तीसगढ़ बिलासपुर। गुम हुए मोबाइल फोन को वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए बिलासपुर पुलिस ने बड़ी राहत दी है। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और लगातार प्रयासों के जरिए न केवल दूसरे जिलों, बल्कि सीमावर्ती राज्यों से भी गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वर्ष 2026 में अब तक 1250 मिसिंग मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। गुम मोबाइल की बरामदगी और उन्हें स्वामियों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस पूरे छत्तीसगढ़ में पहले स्थान पर है।
स्वतंत्रता दिवस उत्सव के अवसर पर चलाए जा रहे ‘चेतना अभियान’ के तहत रविवार को आयोजित ‘अर्पण’ कार्यक्रम में करीब 30 लाख रुपये कीमत के 202 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल हाथ में आते ही लोगों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया।
तकनीकी संसाधनों से छत्तीसगढ़ समेत सीमावर्ती राज्यों तक तलाश
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निर्देश के बाद एसीसीयू (साइबर सेल) बिलासपुर की टीम ने तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल फोन की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के साथ ही सीमावर्ती राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे कई गुम मोबाइल फोन का पता लगाया गया। इसके बाद उन्हें बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया गया।
मोबाइल वापस मिलते ही खिल उठे चेहरे

अर्पण कार्यक्रम में पहुंचे कई लोगों को उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा उनके हाथ में आएगा। पुलिस द्वारा जब उन्हें उनका मोबाइल सौंपा गया तो उनकी खुशी देखते ही बनी। लोगों ने बिलासपुर पुलिस के इस प्रयास को मानवीय और जनहितकारी बताते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। एक ओर लोगों को उनका कीमती सामान वापस मिला, वहीं दूसरी ओर पुलिस की साइबर तकनीक और त्वरित कार्रवाई पर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ।
साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को किया जागरूक
मोबाइल वितरण के साथ कार्यक्रम में साइबर अपराध को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। साइबर सेल बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी और उनकी टीम ने नागरिकों को मौजूदा समय में सामने आ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और उनसे बचाव के उपाय बताए।
लोगों को भारत सरकार के बहुउपयोगी मोबाइल एप ‘संचार साथी’ के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक, कॉल या ऑनलाइन गतिविधियों से सावधान रहने की अपील की।
2026 में 1250 मोबाइल बरामद, प्रदेश में पहला स्थान

बिलासपुर पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 1250 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के मामले में बिलासपुर पुलिस को राज्य में पहला स्थान हासिल है।
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विशेष ‘चेतना अभियान’ के तहत आयोजित अर्पण कार्यक्रम में 202 मोबाइल फोन लौटाए गए। मोबाइल की बरामदगी और वितरण में एसीसीयू (साइबर सेल) बिलासपुर तथा जिले के सभी थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ये अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं एसीसीयू मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन परमेश्वर तिलवार और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और मोबाइल धारक मौजूद रहे।
पुलिस का संदेश-आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास
बिलासपुर पुलिस ने मोबाइल गुम होने के बाद भी लोगों को उम्मीद नहीं छोड़ने का संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम मोबाइल की लगातार तलाश की जा रही है और बरामद होने वाले मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे जाएंगे।
बिलासपुर पुलिस का संदेश है-आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास।
प्रधान संपादक



