दो आरोपियों ने हथियार दिखाकर युवक-युवती से वसूले थे 30 हजार, एक आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
CBN36 जशपुर। बूमतेल सरनाटोली जंगल में पुलिस की घेराबंदी के दौरान हथियार छोड़कर फरार हुआ आरोपी पलटू दास आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जशपुर पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में पुलिस पहले ही उसके साथी हृदय साहू उर्फ गांगु को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
राहगीरों को हथियार दिखाकर मांग रहे थे पैसे
एसएसपी जशपुर आईपीएस डॉ लाल उमेद सिंह के मुताबिक पुलिस के अनुसार, 11 जून 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि बूमतेल सरनाटोली जंगल क्षेत्र में दो सशस्त्र व्यक्ति राहगीरों को हथियार दिखाकर डरा-धमका रहे हैं और उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया।पुलिस टीम को आता देख दोनों आरोपी जंगल का फायदा उठाकर अपने हथियार और अन्य सामान मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे।
मौके से इंसास रायफल समेत हथियार बरामद

पुलिस ने घटनास्थल से एक इंसास रायफल मैगजीन सहित, एक होममेड रायफल मय मैगजीन, एक देसी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, चार लोहे के बोल्ट, हथौड़ी, तलवार, कैंची, बैग और कुछ दस्तावेज बरामद किए थे। मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
विवेचना के दौरान पुलिस ने फरार दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। इनमें हृदय साहू उर्फ गांगु निवासी ग्राम लूंगा, थाना रायडीह, जिला गुमला और पलटू दास उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम सकरा, थाना कुरूमगढ़, जिला गुमला, झारखंड शामिल थे।पुलिस ने हृदय साहू को उसके गृहग्राम से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। वहीं पलटू दास घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
साइबर इनपुट से मुंबई में होने की मिली जानकारी
फरार पलटू दास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान तकनीकी विश्लेषण, साइबर इनपुट और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके मुंबई में छिपे होने का पता चला।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर मुंबई भेजी गई। टीम ने आरोपी को मुंबई से हिरासत में लिया और जशपुर लेकर आई।
युवक-युवती को डराकर वसूले थे 30 हजार रुपये
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान सह-आरोपी हृदय साहू से उसके जीजा के गांव लूंगा में हुई थी। दोनों ने हथियारों के बल पर लोगों को डराकर अवैध रूप से पैसे वसूलने की योजना बनाई थी।
आरोपी के अनुसार, वह अपने साथ इंसास रायफल और देसी कट्टा लेकर आया था, जबकि होममेड रायफल हृदय साहू के पास थी। दोनों जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ पहुंचे। यहां एक युवक और युवती को पार्टी का सदस्य बताकर डराया-धमकाया और उनके परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाए। रकम मिलने के बाद दोनों ने पैसे आपस में बांट लिए।
मशरूम बीनने आई युवतियों को भी हथियार दिखाकर डराया
पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि जंगल में पुटू (मशरूम) बीनने आई दो युवतियों को हथियार दिखाकर डराया गया। इसके बाद उनका भोजन भी खाया। लावा नदी क्षेत्र में घूमते हुए खेत में काम कर रहे लोगों से भी भोजन लिया।
इसी दौरान पुलिस का सर्च अभियान शुरू हो गया। पुलिस को आता देख दोनों आरोपी हथियार और अन्य सामान छोड़कर जंगल के रास्ते भाग निकले।
पूर्व में नक्सली कमांडर के संपर्क में रहने का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपी पलटू दास ने बताया कि वह पूर्व में एक नक्सली कमांडर के समूह के संपर्क में रहा था। उसने दावा किया कि वर्ष 2012 में जंगल क्षेत्र में चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों को उसने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस इस संबंध में भी विस्तृत जांच कर रही है।
आरोपी के पास से मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपी पलटू दास के कब्जे से एक रियलमी मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, आरक्षक उपेंद्र सिंह और नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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