छत्तीसगढ़।पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही एसपी मनोज खिलारी, सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ एसपी आंजनेय वार्ष्णेय, जांजगीर-चांपा एसपी सुश्री निवेदिता पॉल, कोरबा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमती प्रतिभा मरकाम तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजी श्री गर्ग ने लंबित मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए बताया कि रेंज में धारा 173(8) सीआरपीसी एवं 193(9) बीएनएसएस के तहत कुल 752 प्रकरण लंबित हैं। इनमें सर्वाधिक मामले कोरबा और बिलासपुर जिले में लंबित हैं। उन्होंने वर्ष 2021 और उससे पुराने प्रकरणों को अगले दो माह में शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शीघ्र चालान प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।
बैठक में लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की विशेष समीक्षा करने तथा फरार आरोपियों को निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए। आईजी ने कहा कि ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रक्रियात्मक सुधारों के तहत निर्देश दिए गए कि किसी भी अस्पताल से एमएलसी प्राप्त होने पर संबंधित थाना प्रभारी 24 घंटे के भीतर घटना स्थल वाले थाने को सूचना देंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा में जांच लंबित नहीं रखी जाएगी और पंचनामा व बयान की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी।
तकनीकी प्लेटफॉर्म और एप के उपयोग की समीक्षा करते हुए आईजी ने मानस पोर्टल पर प्राप्त नारकोटिक्स संबंधी सभी इनपुट का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश जिला एएनटीएफ को दिए। वहीं सशक्त एप में पुलिसिंग डेटा नियमित रूप से अपडेट करने तथा अनुभव एप के माध्यम से जनता से स्वैच्छिक सकारात्मक फीडबैक प्राप्त करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक ने सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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