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May 3, 2026 6:11 pm

सुकमा के दुर्गम पुसगुड़ा गांव में दशकों बाद पहुँचा उजियारा, टूटा अंधकार का साम्राज्य

रायपुर, 3 मई 2026।छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और अति दुर्गम क्षेत्रों में शामिल सुकमा जिले के पुसगुड़ा गांव में वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार बिजली पहुंच गई है। कोंटा विकासखंड के इस दूरस्थ गांव के 106 घरों में पहली बार बिजली कनेक्शन स्थापित हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस गांव तक पहुंचना लंबे समय तक प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा। जिला मुख्यालय से लगभग 108 किलोमीटर दूर स्थित पुसगुड़ा में कच्चे रास्ते, दुर्गम चढ़ाई और दलदली पगडंडियों के कारण कार्य अत्यंत कठिन था। बावजूद इसके, प्रशासन ने मिशन मोड में कार्य करते हुए मानव श्रम और स्थानीय सहयोग से खंभे और तार पहुंचाकर विद्युत विस्तार का कार्य पूरा किया।

सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पुसगुड़ा तक बिजली पहुंचाना प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। यह केवल बिजली नहीं, बल्कि गांव के विकास, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

गांव की निवासी सुन्नम लक्ष्मी ने भावुक होकर बताया कि बिजली का आना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। अब गांव में पंखा, टीवी और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी रात में संभव हो सकेगी। अब तक लालटेन के सहारे जीवन जीने वाला यह गांव धीरे-धीरे आधुनिक सुविधाओं की ओर बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड सीएसपीडीसीएल के कार्यपालन अभियंता श्री हिलोन ध्रुव ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विभागीय टीम ने समर्पण के साथ कार्य कर समयसीमा में विद्युत लाइन विस्तार पूरा किया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्रामीणों मुंदराजू, सुन्नम रामे, तोड़म सच्चू सहित अन्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब पुसगुड़ा गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ गया है और आने वाले समय में यहां और सुविधाओं की उम्मीद है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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