“सीएसपी आईपीएस गगन कुमार ने कहा डिजिटल भुगतान की पुष्टि केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर न करें, बल्कि बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की जांच अवश्य करें,संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दे ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके ”
बिलासपुर। ऑनलाइन भुगतान के नाम पर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट भेजकर 17 लाख 84 हजार रुपये मूल्य के अनाज की ठगी को अंजाम दिया। मामले में तारबाहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, व्यापार विहार निवासी संदीप अग्रहरि, जो अनाज के थोक व्यापारी हैं, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि राजेंद्र खांडेकर (32 वर्ष), निवासी झूमरपाली भटगांव, थाना भटगांव जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, द्वारा नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच कई बार अनाज का ऑर्डर दिया गया।
आरोपी हर बार माल मंगाने के बाद मोबाइल पर पेमेंट का स्क्रीनशॉट भेजकर भुगतान का भरोसा दिलाता रहा। इसी आधार पर प्रार्थी ने अलग-अलग तारीखों में कुल 17.84 लाख रुपये का अनाज ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेज दिया।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी द्वारा भेजे गए सभी स्क्रीनशॉट फर्जी थे और प्रार्थी के खाते में कोई राशि प्राप्त नहीं हुई। इस तरह आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह के निर्देश पर एएसपी शहर पंकज पटेल तथा सीएसपी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल, एक लैपटॉप, 74 कट्टी चावल, 4 कट्टी गेहूं और 3 कट्टी अरहर दाल जब्त की है।
सीएसपी आईपीएस गगन कुमार ने कहा केवल स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें
सीएसपी कोतवाली आईपीएस गगन कुमार ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी भुगतान की पुष्टि केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर न करें, बल्कि बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की जांच अवश्य करें। संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दे ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
प्रधान संपादक


