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April 3, 2026 4:49 pm

रात में मछुआरा, सुबह एथलीट: अब्दुल फताह ने लक्षद्वीप के लिए रचा इतिहास

रायपुर, 3 अप्रैल 2026।समर्पण और संघर्ष की मिसाल पेश करते हुए लक्षद्वीप के युवा एथलीट अब्दुल फताह ने ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 18 वर्षीय फताह ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.03 मीटर की छलांग लगाकर न केवल गोल्ड मेडल अपने नाम किया, बल्कि लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है।

मछली पकड़ने से लेकर मेडल तक का सफर

अमीनी द्वीप के निवासी फताह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वह रात में समुद्र में मछली पकड़कर अपने परिवार की आजीविका में सहयोग करते हैं और सुबह होते ही अभ्यास के लिए मैदान में पहुंच जाते हैं।

छह सदस्यीय परिवार के सबसे बड़े बेटे होने के नाते उन पर जिम्मेदारियां भी अधिक हैं। आर्थिक कठिनाइयों के चलते उन्हें 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन उन्होंने खेल के प्रति अपने जुनून को नहीं छोड़ा।

फताह बताते हैं कि, “परिवार की मदद करना जरूरी है, लेकिन मैं अपने खेल को भी नहीं छोड़ सकता। दोनों के बीच संतुलन बनाना ही पड़ता है।”

फुटबॉल से एथलेटिक्स तक का मोड़

फताह की शुरुआत फुटबॉल से हुई थी, लेकिन एक स्थानीय प्रतियोगिता के दौरान कोच मोहम्मद कासिम ने उनकी गति को पहचानकर उन्हें एथलेटिक्स में आने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने लंबी कूद और 100 मीटर दौड़ में प्रशिक्षण शुरू किया।

अमीनी एथलेटिक्स एसोसिएशन के गठन के बाद उन्हें व्यवस्थित कोचिंग मिली। महज दो वर्षों में इस संस्था ने सैकड़ों एथलीट तैयार किए, जिनमें से 17 खिलाड़ियों को ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।

संसाधनों की कमी के बीच बड़ी उपलब्धि

लक्षद्वीप में आधुनिक एथलेटिक्स सुविधाओं का अभाव है। यहां न तो सिंथेटिक ट्रैक है और न ही अत्याधुनिक स्टेडियम। फताह मिट्टी के गड्ढों में लंबी कूद का अभ्यास करते हैं और स्प्रिंट ट्रेनिंग के लिए फुटबॉल मैदान का सहारा लेते हैं।

ऐसे हालात में 7.03 मीटर की छलांग लगाना उनके संघर्ष और समर्पण को दर्शाता है। प्रतियोगिता से पहले उनका लक्ष्य 7.15 मीटर का था, लेकिन सात मीटर का आंकड़ा पार करना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही।

लक्षद्वीप के लिए उम्मीद की नई किरण

लक्षद्वीप धीरे-धीरे देश के एथलेटिक्स मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। इससे पहले मुबस्सिना मोहम्मद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इस क्षेत्र का नाम रोशन कर चुकी हैं।फताह की इस उपलब्धि से न केवल लक्षद्वीप के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि यह उम्मीद भी जगी है कि भविष्य में यहां खेल सुविधाओं का विकास होगा और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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