मोपका अरपा विहार कॉलोनी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र के मोपका स्थित अरपा विहार कॉलोनी में खून से सनी लाश मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि शंभू साहू (45) की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या थी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मृतक के बेटे और दामाद को गिरफ्तार किया है। दोनों ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है।

प्रारंभिक जांच में परिजनों और बच्चों द्वारा यह बताया गया था कि शंभू साहू शराब के नशे में खुद अपना सिर पत्थर पर पटक रहा था, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की गहन पूछताछ के बाद यह कहानी झूठी साबित हुई।
पुलिस के अनुसार, शंभू साहू शराब पीने का आदी था और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। घटना की रात भी शंभू और उसके बेटे-दामाद के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। इसी दौरान दोनों ने मिलकर शंभू के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपियों ने यह कहानी गढ़ी कि शंभू नशे में खुद सिर पटक रहा था।
घटना के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर और घातक चोटों की पुष्टि हुई, जो आत्मघाती या दुर्घटनावश नहीं बल्कि हमले से हुई चोटें पाई गईं। साथ ही उनका गला दबाया गया था। इसके बाद पुलिस ने संदेह के घेरे में आए बेटे और दामाद से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें दोनों टूट गए और हत्या की सच्चाई सामने आ गई।
सरकंडा पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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