छत्तीसगढ़ सुकमा – बस्तर रेंज 02 दिसंबर 2025 ।सुकमा ज़िले में नक्सली संगठन पीएलजीए बटालियन क्रमांक-01 के कमांडर बारसे देवा के आत्मसमर्पण को लेकर कुछ अटकलें सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि 02 दिसंबर 2025 की शाम तक ज़िले में बारसे देवा के आत्मसमर्पण संबंधी कोई जानकारी या परिस्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि इस विषय में फैल रही चर्चाओं में फिलहाल किसी प्रकार की पुष्टि नहीं है।
दूसरी ओर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईजीपी सुंदरराज पी ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत चल रहे सतत प्रयासों से बस्तर रेंज में उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं।
आईजीपी ने कहा कि पिछले दो महीनों में ही 570 से अधिक माओवादी कैडर जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य सतीश उर्फ़ रूपेश तथा DKSZC के सदस्य रणिता, राजमन मांडवी, राजू सलाम वेंकटेश और श्याम दादा शामिल हैं हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अब समय बदल चुका है और बारसे देवा, पप्पा राव देवजी जैसे कैडरों को भी यह समझना होगा कि लगातार हिंसा और संघर्ष का मार्ग न तो उनके हित में है और न ही संगठन को किसी प्रकार का लाभ दे पा रहा है।
आईजीपी बस्तर रेंज सुंदरराज ने कहा कि सम्मान स्थिरता और नए जीवन की शुरुआत का अवसर उनके सामने उपलब्ध है। ऐसे में मुख्यधारा में लौटने के निर्णय को और टालने का कोई अर्थ नहीं है यह सही फैसला लेने का सबसे उपयुक्त समय है।बस्तर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी पात्र कैडरों को सुरक्षा पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
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