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October 10, 2026 9:31 pm

सेवा संकल्प अभियान: रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया का हुआ नामांतरण, महीनों के इंतजार से मिली मुक्ति

ऑटोम्यूटेशन सुविधा से आसान हुई प्रक्रिया, तहसील कार्यालयों की दौड़भाग से मिली राहत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में हो रहे तकनीकी सुधारों का मिल रहा लाभ

CBN36 रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से दूर हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी मंगल सिंह सांडिया को पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से बड़ी राहत मिली है। रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण हो गया, जिससे उन्हें लंबी प्रक्रिया और तहसील कार्यालयों की बार-बार दौड़भाग से मुक्ति मिली।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान मंगल सिंह सांडिया ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगता था। कई बार महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे संपत्ति से जुड़े अन्य कार्यों को पूरा करने में भी परेशानी होती थी। इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के कारण रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने से उनका समय बचा और प्रक्रिया भी आसान हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने वाली ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

ऑटोम्यूटेशन से नामांतरण की प्रक्रिया हुई आसान

पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बेहतर होता है तथा नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होती है।

इस व्यवस्था का लाभ विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों को मिल रहा है। पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग प्रक्रिया पूरी करने में समय और मेहनत लगती थी। अब तकनीक के माध्यम से प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने में मदद मिल रही है।

शासन की पहल से आम नागरिकों को राहत

मंगल सिंह सांडिया ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया में तेजी आने से आम नागरिकों का समय बचता है और सरकारी कामकाज के प्रति भरोसा बढ़ता है।

उनका अनुभव दर्शाता है कि पंजीयन सेवाओं में किए जा रहे तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंच रहा है। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से न केवल कार्यालयीन प्रक्रियाएं आसान हो रही हैं, बल्कि जमीन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने में भी सुविधा मिल रही है।

सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रहीं सुशासन की कहानियां

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से संवाद कर सरकारी सेवाओं में किए गए सुधारों के जमीनी प्रभाव, उनके अनुभव और सुझावों को सामने ला रहा है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मंगल सिंह सांडिया का अनुभव तकनीक आधारित सुशासन का उदाहरण है। जहां पहले नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब ऑटोम्यूटेशन जैसी व्यवस्था से प्रक्रिया अधिक सरल और तेज हो रही है। यह पहल नागरिकों का समय बचाने, अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही कम करने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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