185 पालना-घर खुलेंगे, प्राथमिक स्कूलों में दो साल तक बहुभाषी शिक्षण सामग्री से होगी पढ़ाई
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी
CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक में कुल 3,189 प्राथमिक कार्यों के लिए 246 करोड़ 54 लाख रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये प्रस्ताव भारत के संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत जनजातीय क्षेत्रों के विकास से संबंधित हैं।
बैठक में विभिन्न विभागों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया। इनमें जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर बढ़ाने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में खुलेंगे 185 पालना-घर
बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) और कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की देखभाल के लिए 185 कम्युनिटी मैनेज्ड क्रेच यानी पालना-घर स्थापित करने और उनके संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे छोटे बच्चों की देखभाल को बढ़ावा देने और जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने में मदद मिलेगी।
जनजातीय संस्कृति और शिक्षा पर जोर
जनजातीय क्षेत्रों के पवित्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए पायलट परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्राथमिक शालाओं में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए दो वर्षों तक बहुभाषी शिक्षण-अधिगम सामग्री विकसित करने का निर्णय लिया गया। इससे स्थानीय भाषाओं के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
पेयजल से लेकर रोजगार तक के प्रस्ताव मंजूर
समिति ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, पेयजल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, ग्राम और समुदाय विकास, खेलकूद तथा पशुपालन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों के लिए आय सृजन की योजनाओं, विभागीय सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक व्यय से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा कर निर्णय लिए गए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से काम कराने के निर्देश
मुख्य सचिव विकासशील ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रस्तावों का क्रियान्वयन निर्धारित गुणवत्ता मानकों और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने योजनाओं का लाभ जनजातीय क्षेत्रों के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भुवनेश यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक