गांधी जयंती पर बेटियों को मिली स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी सुविधा; प्रदेश के 6,671 ग्रामीण स्कूलों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य
CBN36 रायपुर। गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता, स्वास्थ्य और बेटियों के सम्मान का संदेश देते हुए धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धूमा में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत प्रदेश के पहले बालिका शौचालय का उद्घाटन किया गया। विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित यह शौचालय ग्रामीण स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
गुलाबी रंग से सजे नवनिर्मित बालिका शौचालय के उद्घाटन कार्यक्रम में स्कूली बच्चियों ने हाथों में ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ संदेश वाली तख्तियां लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और बच्चों की सहभागिता से कार्यक्रम खास बन गया।
6 अगस्त को शुरू हुआ था अभियान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जी राम जी के तहत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय विद्यालयों में करीब 286.85 करोड़ रुपये की लागत से बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का उद्देश्य ग्रामीण स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं को सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा के अनुरूप बेहतर वातावरण तैयार करना है।
निर्माण से उद्घाटन तक हुई निगरानी

धूमा में बना यह बालिका शौचालय महज एक दिन में तैयार हुई सुविधा नहीं है। विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने कुरूद विकासखंड के भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत धूमा पहुंचकर निर्माण कार्य का मैदानी निरीक्षण भी किया था। उन्होंने निर्माण की प्रगति देखने के साथ कार्य में लगे श्रमिकों से मजदूरी भुगतान की जानकारी ली और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
करीब एक महीने बाद गांधी जयंती पर शौचालय का उद्घाटन होना अभियान के निर्माण से लेकर उपयोग तक की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन को दर्शाता है।
26 जनवरी तक हर स्कूल में बालिका शौचालय का लक्ष्य
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासन का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के हर लक्षित ग्रामीण शासकीय विद्यालय में बालिकाओं के लिए शौचालय सुविधा सुनिश्चित करना है। धूमा से शुरू हुई यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी बुनियादी सुविधा को मजबूत करने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है।
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