66 मामलों में कार्रवाई के बीच अदालत का बड़ा फैसला, दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी
CBN36 बिलासपुर। जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का असर अब अदालत में भी दिखाई देने लगा है। अवैध उत्खनन के एक मामले में अदालत ने दो आरोपियों को एक-एक साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। खनिज विभाग के अनुसार, जिले में अवैध खनन के मामले में सजा का यह पहला फैसला है। अदालत के इस निर्णय से अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों में चिंता बढ़ गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 66 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इनमें कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री थाना क्षेत्रों के मामले शामिल हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत ले जाते पकड़े गए थे
उप संचालक खनिज किशोर गोलघाटे के अनुसार, जलेश्वर कश्यप निवासी खेरा डगनिया, थाना सीपत और अमर कुमार कंवट निवासी घोरसादेवारी, थाना रतनपुर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। दोनों आरोपियों को ग्राम खेरा डगनिया स्थित जसशाला के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत का अवैध परिवहन करते पकड़ा गया था। मामले में प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर को सीपत थाने की अभिरक्षा में रखा गया था।
विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के बाद 30 सितंबर 2026 को खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत गठित विशेष अदालत, जिला बिलासपुर ने फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए एक-एक साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अब वाहन जब्ती के साथ जेल भी
अवैध खनन के मामलों में अब तक मुख्य रूप से वाहन जब्त करने और प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई होती रही है। इस मामले में अदालत से कारावास की सजा होने के बाद विभाग की कार्रवाई का संदेश और कड़ा हो गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई केवल वाहन जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
उप संचालक खनिज गोलघाटे ने कहा है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से अवैध खनन पर अंकुश लगाने और खनिज संपदा के संरक्षण में मदद मिलेगी।
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