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September 24, 2026 9:11 pm

सरकारी खाते से 26.87 लाख का अनधिकृत लेन-देन, बैंक लिपिक गिरफ्तार

एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर जांच में खुलासा, आरोपी न्यायिक रिमांड पर

CBN36 मुंगेली। पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26.87 लाख रुपये के अनधिकृत लेन-देन के मामले में मुंगेली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ रहे एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में हुई जांच में बैंकिंग रिकॉर्ड, सीबीएस प्रणाली और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आरोपी टिकेश कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आई। पुलिस ने आरोपी को 23 सितंबर को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कलेक्टर मुंगेली के आदेश के आधार पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से हुए अनधिकृत लेन-देन की जांच और प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज किया।

सात बार हुआ लेन-देन

विवेचना में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच शासकीय खाते से कुल सात बार अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। इन लेन-देन में कुल 26 लाख 87 हजार रुपये की राशि का आहरण और पुनः जमा किए जाने की बात सामने आई।

जांच के दौरान आरोपी टिकेश कुमार (30), निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, वर्तमान निवासी रायपुर की भूमिका सामने आई। आरोपी 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में क्लर्क के पद पर पदस्थ था। पुलिस के मुताबिक उसे केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी-आरटीजीएस और राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

अपने खाते में ट्रांसफर किए 8.50 लाख

पुलिस जांच के अनुसार 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में क्रमशः 9.19 लाख और 9.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 26.87 लाख रुपये का अनधिकृत अंतरण सामने आया। इसमें से 1.61 लाख रुपये अतिरिक्त राशि होने के कारण शासकीय खाते में वापस जमा हो गए थे।

एसएसपी ने दिए निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी भोजराम पटेल ने शासकीय राशि से संबंधित अनधिकृत लेन-देन की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकिंग रिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों का सूक्ष्मता से परीक्षण करने तथा लेन-देन में शामिल व्यक्तियों की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर तय कर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

एसएसपी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने संबंधित बैंक खाते, ट्रांजेक्शन विवरण, सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने राशि का अंतरण बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात बताई है। उपलब्ध बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया पाए जाने पर प्रकरण में धारा 316(5) बीएनएस जोड़ी गई।

23 सितंबर को गिरफ्तारी, 24 को जेल

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। 24 सितंबर को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है और लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

कार्रवाई में निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत, आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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