सामूहिक भोज में दिखा अपनत्व, समानता और सहभागिता का भाव
CBN36 पेंड्रा। सेवा संकल्प अभियान के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आयोजित नेवता भोज में सामाजिक समरसता की तस्वीर देखने को मिली। मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में आयोजित सामूहिक भोज में बैगा पुजारी, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ एक पंक्ति में बैठे और भोजन किया। आयोजन के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समानता, अपनत्व और सहभागिता का संदेश दिया गया।
यह आयोजन प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत किया गया। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर एवं कार्यशाला में शामिल बैगा पुजारियों और ग्रामीणों ने भी नेवता भोज में हिस्सा लिया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन करने से आपसी संवाद और आत्मीयता का माहौल बना।
साथ बैठकर भोजन ने घटाई सामाजिक दूरी
नेवता भोज की खास बात यह रही कि यहां किसी तरह का भेदभाव नजर नहीं आया। समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ बैठे और भोजन किया। बैगा पुजारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को जिले की स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जोड़ा। सामूहिक भोजन के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संवाद हुआ।
कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, बैगा पुजारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सामूहिक सहभागिता से मजबूत होगा सामाजिक जुड़ाव
नेवता भोज का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देना है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सामूहिक भोजन के माध्यम से सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के विभिन्न वर्गों को करीब लाने वाला बताया।
सामूहिक भोज ने यह संदेश दिया कि आपसी सम्मान, सहयोग और सहभागिता से सामाजिक जुड़ाव को मजबूत किया जा सकता है। जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बैगा पुजारी और ग्रामीण जब एक साथ बैठकर भोजन करते हैं तो यह केवल भोजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि संवाद और आपसी विश्वास बढ़ाने का अवसर भी बनता है। कार्यक्रम में ‘साथ चलें, साथ बढ़ें’ की भावना के साथ सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का संदेश सामने आया।
प्रधान संपादक




