
3300 टन स्क्रैप के निस्तारण का लक्ष्य, ई-वेस्ट और लंबित फाइलों पर भी रहेगी नजर
CBN36 बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने विशेष अभियान 6 के तहत बड़े पैमाने पर स्वच्छता और प्रशासनिक सुधार की तैयारी शुरू कर दी है। अभियान के दौरान एसईसीएल के विभिन्न प्रतिष्ठानों में चिन्हित 225 स्थलों पर 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र की सफाई की जाएगी। इसके साथ ही 3300 मीट्रिक टन स्क्रैप का निस्तारण करने का लक्ष्य रखा गया है। स्क्रैप के निस्तारण से कंपनी को राजस्व भी प्राप्त होगा।
भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के मार्गदर्शन में चलने वाले इस अभियान का तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक अभियान का क्रियान्वयन किया जाएगा।
ई-वेस्ट का होगा व्यवस्थित निस्तारण
इस बार अभियान में ई-वेस्ट प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। एसईसीएल के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे की पहचान, संग्रहण और पृथक्करण के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका निस्तारण किया जाएगा। कर्मचारियों और हितधारकों को ई-वेस्ट के पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार प्रबंधन के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
7500 भौतिक और ई-फाइलों पर नजर
अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहेगा। प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए पुराने रिकॉर्ड और लंबित मामलों के निपटारे पर भी जोर दिया जाएगा। एसईसीएल ने 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा और 200 के निस्तारण का लक्ष्य तय किया है। वहीं 7000 ई-फाइलों की समीक्षा और 3000 ई-फाइलों को बंद करने का लक्ष्य है।
इससे पुराने और अनावश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के साथ कार्यालयीन स्थान का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
पिछले अभियान में 24 करोड़ का राजस्व
विशेष अभियान 5 में एसईसीएल ने 203 स्थलों के लक्ष्य के मुकाबले 229 स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया था। इस दौरान 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र की सफाई की गई और 6400 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निस्तारण हुआ। इससे करीब 24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
अभियान खत्म होने के बाद भी स्वच्छता गतिविधियां जारी रहीं। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच करीब 2.52 लाख वर्गफीट अतिरिक्त क्षेत्र की सफाई की गई।
स्वच्छता से लेकर रिकॉर्ड प्रबंधन तक फोकस
विशेष अभियान 6 का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। इस वर्ष अभियान में ई-वेस्ट प्रबंधन, स्वच्छता, स्क्रैप निस्तारण, रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटलाइजेशन और कार्यालयीन स्थान के बेहतर उपयोग को प्रमुखता दी गई है।
तैयारी चरण में अभियान के लिए स्थलों और लक्ष्यों की पहचान, पुराने रिकॉर्ड एवं लंबित मामलों की समीक्षा तथा स्क्रैप और ई-वेस्ट की पहचान का काम किया जा रहा है।
प्रधान संपादक




