“हेलमेट, रफ्तार और रॉन्ग साइड पर सख्ती,हर डिलीवरी कर्मी का होगा चरित्र सत्यापन,नियम तोड़े तो कंपनी भी करेगी कार्रवाई”

“पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने डिलीवरी कंपनियों के संचालकों और मैनेजरों की बैठक लेकर डिलीवरी कर्मियों पर कम समय में सामान पहुंचाने का दबाव नहीं बनाने के दिए निर्देश”
CBN36 रायपुर। ऑनलाइन डिलीवरी के लिए कम समय में सामान पहुंचाने के दबाव में सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले डिलीवरी कर्मियों पर अब यातायात पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने डिलीवरी कंपनियों के संचालकों और मैनेजरों की बैठक लेकर डिलीवरी बॉय को 10-15 मिनट में सामान पहुंचाने जैसी समय सीमा के दबाव से मुक्त रखने की हिदायत दी। साथ ही सभी डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
बैठक में फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, डिलीवरी डॉट कॉम, ब्लिंकिट समेत अन्य ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। डॉ. अर्चना झा ने कहा कि डिलीवरी से ज्यादा जरूरी कर्मचारी और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा है। समय पर डिलीवरी पहुंचाने की होड़ में यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हेलमेट, रफ्तार और रॉन्ग साइड पर सख्ती
बैठक में डिलीवरी कंपनियों को निर्देश दिए गए कि उनके सभी कर्मचारी अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं। रॉन्ग साइड वाहन चलाने, तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जाए। डिलीवरी कर्मियों को यातायात नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए लगातार जागरूक करने को कहा गया।
डेडलाइन के दबाव में बढ़ता है हादसे का खतरा
पुलिस अधिकारियों ने कंपनियों को समझाया कि कम समय में डिलीवरी पूरी करने का दबाव कर्मचारियों को तेज गति और हड़बड़ी में वाहन चलाने के लिए मजबूर करता है। इससे गंभीर सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डिलीवरी के लिए ऐसी समय सीमा तय नहीं की जाए, जिससे कर्मचारी अपनी या दूसरे लोगों की जान जोखिम में डालकर वाहन चलाएं।
हर डिलीवरी कर्मी का होगा चरित्र सत्यापन
आम नागरिकों की सुरक्षा और ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं में विश्वास बनाए रखने के लिए कंपनियों को अपने सभी डिलीवरी कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए। कंपनियों से कर्मचारियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और उनकी कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने को भी कहा गया।
नियम तोड़े तो कंपनी भी करेगी कार्रवाई
यातायात नियमों का उल्लंघन करने या लापरवाही से वाहन चलाने वाले डिलीवरी एजेंटों पर संबंधित कंपनी को अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कर्मचारियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने और उनका पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीश ठाकुर और सहायक पुलिस आयुक्त यातायात रमेश येरेवार उपस्थित रहे।
आम लोगों से भी अपील
यातायात कमिश्नरेट ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन सामान मंगाने के बाद उसे लेने में जल्दबाजी न करें। डिलीवरी कर्मी को सुरक्षित तरीके से पहुंचने के लिए पर्याप्त समय दें। सड़क पर सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देकर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने में सहयोग करें।
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