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September 12, 2026 12:27 am

नशे की 20 लाख की खेप पर पुलिस का शिकंजा, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार

सीपत में घर से 4750 नशीले कैप्सूल-टैबलेट बरामद, दूसरे राज्यों से मंगाकर खपाने की थी तैयारी; पहले भी एनडीपीएस में पकड़ा जा चुका है एक आरोपी

CBN36 बिलासपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी में नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप पकड़ी है। एसीसीयू और सीपत पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मकान में दबिश देकर पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट के 4750 नग बरामद किए गए हैं। जब्त नशीली दवाओं का कुल वजन 2,495.64 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस की कार्रवाई में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मुकेश कुमार लोनिया पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। इसके बावजूद नशीले पदार्थों के कारोबार से उसका जुड़ाव सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाओं की यह खेप कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई का आधार

पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने पुत्र मुकेश लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर दूसरे राज्यों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं मंगाकर क्षेत्र में खपाने की तैयारी कर रहा है।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। निर्देश मिलने के बाद एसीसीयू और सीपत पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर ग्राम गुड़ी स्थित उग्रसेन लोनिया के मकान में दबिश दी। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल और टैबलेट बरामद हुए।

न डॉक्टर की पर्ची मिली, न दवा रखने का वैध दस्तावेज

एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं रखने या बेचने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज अथवा चिकित्सकीय पर्ची नहीं मिली। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई।

अब सप्लायर तक पहुंचेगी पुलिस

एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है। मामले में एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दवाओं की खेप किस राज्य और किस सप्लायर से आई थी तथा इसे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में किन लोगों के माध्यम से खपाया जाना था।

नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों का फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन भी किया जा रहा है। पुलिस नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटाकर उसके आधार पर भी वैधानिक कार्रवाई करेगी।

तीनों आरोपी एक ही गांव के

उग्रसेन लोनिया (60), मुकेश कुमार लोनिया (30) और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा (20) ग्राम गुड़ी लोनियापारा, थाना सीपत के निवासी हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

जब्ती एक नजर में

  • 4750 नग प्रतिबंधित कैप्सूल और टैबलेट
  • 2,495.64 ग्राम कुल वजन
  • करीब 20 लाख रुपये अनुमानित कीमत
  • धारा 21(सी), 22(सी), 29 एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई
  • पिता-पुत्र समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
  • एक आरोपी पूर्व में भी एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार

पुलिस की नजर पूरे नेटवर्क पर

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर यादव के नेतृत्व में एसीसीयू व सीपत पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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