“माइंड सेफ्टी ही माइन सेफ्टी की सबसे मजबूत नींव है” – बी.के. पीयूष भाई

“स्वयं को बेहतर बनाइए, राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दीजिए” – एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन
CBN36 बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय बिलासपुर में “सुरक्षित मन, सुरक्षित खदान” विषय पर प्रेरणादायी कार्यक्रम “माइन सेफ्टी एंड माइंड सेफ्टी” का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय अभियान “पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन” के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों के मानसिक सशक्तिकरण, सकारात्मक कार्य संस्कृति और सुरक्षित कार्यस्थल के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों के व्यक्तित्व विकास एवं कार्यस्थल पर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एसईसीएल – इनर एक्सीलेंस सीरीज़” का शुभारंभ भी किया गया। यह आयोजन एसईसीएल एवं ब्रह्माकुमारीज़ के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट्स विंग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन रहे। मुख्य वक्ता के रूप में ब्रह्माकुमारीज़ के साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट्स विंग के राष्ट्रीय समन्वयक बी.के. पीयूष भाई उपस्थित रहे। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र, ब्रह्माकुमारीज़ से बीके मंजू दीदी सहित मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता बी.के. पीयूष भाई ने कहा कि “माइंड सेफ्टी ही माइन सेफ्टी की सबसे मजबूत नींव है।” उन्होंने कहा कि खदानों में सुरक्षा केवल आधुनिक तकनीक और मशीनों से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि वहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी के संतुलित, सकारात्मक और सजग मन से भी जुड़ी होती है। उन्होंने सकारात्मक सोच, वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने, स्मार्ट वर्क, पूर्ण समर्पण और नियमित मेडिटेशन को सुरक्षित एवं बेहतर कार्य संस्कृति का आधार बताया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि “स्वयं को बेहतर बनाइए, राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दीजिए।” उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें और सकारात्मक सोच, निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
कार्यक्रम में “एसईसीएल – इनर एक्सीलेंस सीरीज़” का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन के प्रति सामूहिक शपथ दिलाई गई। विशेष मेडिटेशन सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवनशैली के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों में मानसिक मजबूती, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सकारात्मक कार्य वातावरण को बढ़ावा देना रहा, ताकि सुरक्षित एवं उत्पादक खनन संस्कृति को और सशक्त बनाया जा सके।
प्रधान संपादक



