CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने अंतर्राज्यीय ग्रिड फेल होने जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का सफल परीक्षण किया। कंपनी की ओर से आयोजित ब्लैक स्टार्ट मॉक ड्रिल में बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट-अप बिजली को मात्र 32 मिनट में कोरबा ताप विद्युत संयंत्र तक पहुंचाने में सफलता मिली। पूरी ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन प्रक्रिया 41 मिनट में पूरी कर ली गई।
मॉक ड्रिल के दौरान ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला डंगनिया ने स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। अभ्यास में ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मचारियों ने समन्वित रूप से हिस्सा लिया।
अभ्यास के तहत हसदेव, हसदेव-बांगो, जमनीपाली और कोरबा पूर्व के चयनित विद्युत तंत्र को अलग कर आइलैंडेड सब-सिस्टम बनाया गया। इसके बाद नियंत्रित तरीके से उत्पादन और लोड कम करते हुए इसे पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में लाया गया।

इसके बाद बांगो जल विद्युत गृह में डीजल जनरेटर सेट की मदद से इकाई क्रमांक-1 को चालू कर सिंक्रोनाइज किया गया। फिर चरणबद्ध तरीके से हसदेव, जमनीपाली होते हुए कोरबा पूर्व तक स्टार्ट-अप बिजली आपूर्ति बहाल की गई। अगले चरण में 160 एमवीए ट्रांसफार्मर के जरिए 220 केवी प्रणाली को ऊर्जीकृत कर कोरबा पश्चिम तक बिजली पहुंचाई गई। अंत में आइलैंडेड सब-सिस्टम को मुख्य ग्रिड से सफलतापूर्वक जोड़कर सामान्य विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी गई।
बांगो जल विद्युत संयंत्र प्रदेश का एकमात्र ब्लैक स्टार्ट सक्षम जल विद्युत संयंत्र है। इसकी स्थापित क्षमता 3×40 मेगावाट है। बड़े ग्रिड व्यवधान या पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में यही संयंत्र अन्य बिजलीघरों को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक स्टार्ट-अप पावर उपलब्ध कराता है।
इस अवसर पर जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक सी.एल. नेताम, स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की मुख्य अभियंता शारदा सोनवानी, अधीक्षण अभियंता संजय चौधरी, अभिषेक जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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