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July 2, 2026 6:28 pm

महात्मा गांधी हिंदी विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय मिलकर तैयार करेंगे भविष्य की शिक्षा का मॉडल

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, शोध और डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

वर्धा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय शोध, दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, संकाय एवं छात्र आदान-प्रदान, संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों तथा पाठ्यक्रम विकास के क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।

समझौता समारोह में दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने हस्ताक्षरित एमओयू का आदान-प्रदान किया।

हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि यह समझौता केवल दो विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को व्यवहार में उतारने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थान अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता, मानव संसाधन और बौद्धिक संपदा को साझा करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समकालीन शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। साथ ही समय की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों में भी नवाचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिंदी विश्वविद्यालय ने दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा, हिंदी, अनुवाद अध्ययन तथा आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। इस साझेदारी के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय एक-दूसरे की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए शिक्षा और शोध को नई दिशा देंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। अब दोनों संस्थानों के शिक्षक और शोधकर्ता संयुक्त रूप से शोध परियोजनाओं, डिजिटल पाठ्यक्रमों तथा अकादमिक नवाचार पर कार्य करेंगे। इससे विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, साझा शिक्षण संसाधनों और उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययन अवसरों का लाभ मिलेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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