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August 27, 2026 12:37 am

एनडीपीएस के फरार आरोपियों पर बड़ा शिकंजा, आईजी गर्ग ने एसपी को दिए सख्त निर्देश; वारंट तामीली और हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़,बिलासपुर, 2 जुलाई। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक आईजी आईपीएस रामगोपाल गर्ग ने रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, एनडीपीएस प्रकरणों, न्यायालयीन समंस-वारंटों की तामीली तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी पुलिस अधीक्षक स्वयं इन मामलों की नियमित निगरानी करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से धारा 173(8) सीआरपीसी/193(9) बीएनएसएस तथा धारा 299 सीआरपीसी/335 बीएनएसएस के अंतर्गत प्रस्तुत चालानों की समीक्षा की गई। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर चर्चा हुई, जिनमें आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं अथवा फरारी के दौरान ही उनके विरुद्ध चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

आईजी रामगोपाल गर्ग ने एनडीपीएस अधिनियम के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी जिलों को प्रत्येक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आरोपी फरार हैं, उनमें न्यायालय से वारंट जारी कराकर उसकी प्रभावी तामीली सुनिश्चित की जाए और गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जाए।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आईजी ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला समन्वय बढ़ाने, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के साथ आरोपियों की जानकारी साझा करने, पैन कार्ड, आधार, बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन की जांच करने तथा मोबाइल और वाहनों से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। साथ ही नेटग्रिड से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीमों को सक्रिय कर खुफिया जानकारी एकत्र करने तथा पहले से गिरफ्तार सह-आरोपियों से पूछताछ कर फरार आरोपियों के ठिकानों का पता लगाने पर भी जोर दिया।

आईजी ने कहा कि इन मामलों की विवेचना निरंतर जारी रहे और प्रत्येक पुलिस अधीक्षक स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें, ताकि फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में न्यायालयों द्वारा जारी समंस एवं वारंटों की तामीली की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आईजी ने गंभीर मामलों में डॉक्टरों एवं पुलिस अधिकारियों जैसे महत्वपूर्ण गवाहों के संबंध में जारी जमानती और गिरफ्तारी वारंटों की समय पर तामीली नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि न्यायालयीन समंस और वारंटों की तामीली व्यक्तिगत निगरानी में कराई जाए। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में न्यायालयों से समंस अथवा वारंटों की तामीली में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित थाना प्रभारी एवं नोडल राजपत्रित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि सभी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी थाना स्तर पर शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होता और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर तक पहुंचता है, तो संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक के समापन पर आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने, स्वयं नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जिलों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सराफा बाजारों में नियमित चेकिंग, पिकेट प्वाइंटों की सतत निगरानी और अगले माह एनडीपीएस प्रकरणों की पुनः विस्तृत समीक्षा करने की घोषणा भी की।

समीक्षा बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पुलिस अधिकारी, एएनटीएफ प्रभारी तथा समंस-वारंट एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शाखा के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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