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August 23, 2026 7:33 pm

साइबर ठगी से बचने एसएसपी ने छात्रों को किया अलर्ट, बोले- पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे ठगों का शिकार

“एसएसपी रजनेश सिंह का संदेश सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है,अटल विश्वविद्यालय में ‘साइबर जागृति अभियान’, फर्जी लिंक-QR कोड से लेकर OTP तक को लेकर दी चेतावनी”

CBN36 बिलासपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच बिलासपुर पुलिस ने युवाओं को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सावधान रहने के लिए जागरूक किया। शनिवार को अटल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान’ के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के जरूरी उपाय बताए। उन्होंने साफ कहा कि साइबर अपराधी अब सिर्फ कम पढ़े-लिखे लोगों को ही निशाना नहीं बना रहे, बल्कि उच्च शिक्षित और जागरूक लोग भी उनके जाल में फंस रहे हैं।

एसएसपी बोले- जल्दबाजी, लालच और डर का फायदा उठाते हैं साइबर ठग

एसएसपी रजनेश सिंह ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में सामने आए साइबर अपराधों का हवाला देते हुए कहा कि ठग लगातार ठगी के नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। वे लोगों को डर, लालच और भरोसे में लेकर उनके बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं।

उन्होंने एक सेवानिवृत्त इंजीनियर के साथ हुई साइबर ठगी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह शिक्षित व्यक्ति भी ठगों के झांसे में आ सकते हैं। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना का भी उल्लेख किया।

एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से पीड़ित लोगों की रकम वापस दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है तथा कई मामलों में सफलता भी मिली है।

फर्जी लिंक और URL पर क्लिक किया तो खाली हो सकता है खाता

विद्यार्थियों को चेताते हुए एसएसपी ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक, फर्जी URL, संदिग्ध वेबसाइट या डिजिटल संदेश पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन कर भुगतान न करें। भुगतान से पहले QR कोड और संबंधित जानकारी की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।

‘पैसे पाने’ के नाम पर QR कोड स्कैन करने से बचें

साइबर ठगी के तरीकों की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि ठग कई बार पैसे भेजने या रिफंड दिलाने का झांसा देकर QR कोड स्कैन करवाते हैं। इसके बाद पीड़ित के खाते से रकम निकल सकती है। विद्यार्थियों को ऐसे मामलों में जल्दबाजी न करने और पहले पूरी जानकारी सत्यापित करने की सलाह दी गई।

कलेक्टर बोलेखुद जागरूक बनें, परिवार को भी बचाएं

कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल ने भी साइबर अपराध की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने करीबियों के साथ हुई साइबर फ्रॉड की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि साइबर अपराध किसी के साथ भी हो सकता है।

उन्होंने छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और कर्मचारियों से स्वयं साइबर जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताने की अपील की।

सेल्फी से लेकर क्विज तक, छात्रों ने लिया जागरूकता अभियान में हिस्सा

कार्यक्रम के अंत में ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों ने साइबर जागरूकता से संबंधित सेल्फी लेकर उसे अपलोड किया। इसके साथ ही Google Form के माध्यम से साइबर सुरक्षा और जागरूकता से संबंधित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों को बिलासपुर पुलिस के सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने और साइबर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।

कोचिंग संस्थानों तक भी पहुंचा साइबर जागृति अभियान

बिलासपुर के चंद्रा अकादमी और चंद्रहासिनी अकादमी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के बीच भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती के बारे में जानकारी दी। थाना प्रभारी कोतवाली देवेश राठौर ने बताया कि साइबर ठग किस तरह युवाओं और उनके परिवारों को भावनात्मक रूप से फंसाते हैं।

बेटा अस्पताल में हैकहकर ठग रहे पैसे, छात्रों को किया सावधान

पुलिस ने ऐसे मामलों का उदाहरण दिया, जिसमें साइबर अपराधी बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटे या बेटी के दुर्घटना में घायल होने अथवा अस्पताल में भर्ती होने की झूठी सूचना देकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें।

बिलासपुर पुलिस की अपील- सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, QR कोड, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस और संबंधित साइबर अपराध शिकायत माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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