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August 21, 2026 8:12 pm

15 अगस्त आयोजन में पंचों की अनदेखी का आरोप, ग्राम पंचायत बैमा में विवाद

CBN36 बिलासपुर। ग्राम पंचायत बैमा में स्वतंत्रता दिवस आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच और सचिव पर नियमों की अनदेखी, मनमानी तथा पंचों को विश्वास में लिए बिना पंचायत का कामकाज संचालित करने का आरोप लगाया है। पंचों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

15 अगस्त कार्यक्रम में सूचना नहीं देने का आरोप

पंचों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर पंचायत की सामान्य सभा अथवा आवश्यक बैठक नहीं बुलाई गई। 15 अगस्त को आयोजित मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम में निर्वाचित पंचों को न तो विधिवत सूचना दी गई और न ही सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया। पंचों का कहना है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पंचायत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और उनके सम्मान पर सवाल खड़े करती है।

पंचायत की राशि के उपयोग पर भी सवाल

शिकायत में स्वतंत्रता दिवस आयोजन में पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पंचों ने मांग की है कि कार्यक्रम पर सरकारी राशि खर्च करने से पहले प्रस्ताव, स्वीकृति और पंचायत स्तर पर आवश्यक विचार-विमर्श किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जाए। आयोजन से जुड़े प्रस्ताव, बिल-वाउचर, भुगतान और अन्य अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है।

इसके साथ ही पंचों ने पंचायत के पूर्व कामकाज और बैठकों के रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बैठकें हुईं या नहीं और निर्णय प्रक्रिया में निर्वाचित पंचों को उचित भूमिका दी गई या नहीं।

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से जांच की मांग

पंचों ने जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल को शिकायत सौंपकर पंचायत के कामकाज, स्वतंत्रता दिवस आयोजन और सरकारी राशि के उपयोग से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की है। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल को भी शिकायत देकर प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

अंकित गौरहा बोले- राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में लापरवाही निंदनीय

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने मामले को लेकर कहा कि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में लापरवाही बरतना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनकी गरिमापूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन और पंचायत की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की एकता, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे आयोजनों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान और उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अंकित गौरहा ने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों अथवा पंचायत पदाधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।

प्रशासन की जांच पर टिकी नजर

अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की नजर बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और आरोप सही पाए जाने की स्थिति में जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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