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August 26, 2026 12:24 am

गुरुग्राम मेट्रो और शहरी योजनाओं की प्रगति पर मंथन

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने की समीक्षा, समय पर काम पूरा करने और बेहतर समन्वय पर जोर

CBN36 नई दिल्ली, 25 अगस्त। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने संकल्प भवन, नई दिल्ली में गुरुग्राम मेट्रो, अमृत 2.0 और सिटीज 2.0 जैसी प्रमुख शहरी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी लाने, लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने और केंद्र, राज्य व स्थानीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए।

साहू ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाओं को मंजूरी देना नहीं, बल्कि उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचाना है। इसके लिए लगातार निगरानी और त्वरित निर्णय जरूरी हैं।

गुरुग्राम मेट्रो के काम में तेजी के निर्देश

समीक्षा बैठक में मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक प्रस्तावित गुरुग्राम मेट्रो परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। परियोजना में द्वारका एक्सप्रेसवे तक स्पर भी शामिल है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के अधिकारियों ने परियोजना की मौजूदा स्थिति और क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी मंत्री को दी।

प्रागति बैठक से पहले हुई समीक्षा में लंबित मुद्दों और उनके समाधान पर भी चर्चा हुई। साहू ने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए अड़चनों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।

अमृत 2.0 में सीवरेज और स्वच्छता पर फोकस

अमृत 2.0 की समीक्षा के दौरान जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आवासन एवं शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 10वीं रिपोर्ट की टिप्पणियों और मंत्रालय की ओर से दिए गए जवाब पर भी विचार किया गया।

मंत्रालय के अनुसार अमृत 2.0 के दायरे में 500 शहर हैं। वर्ष 2025 के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इन शहरों में करीब 7.41 करोड़ शहरी परिवार शामिल हैं। मिशन के तहत सीवरेज और सेप्टेज क्षेत्र में करीब 71,133 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है।

वहीं, करीब 47,230 करोड़ रुपये की लागत वाली 394 सीवरेज परियोजनाएं फिलहाल निर्माणाधीन हैं। इनके पूरा होने पर लगभग 48.76 लाख परिवारों को नए सीवरेज कनेक्शन मिलने और करीब 60.59 लाख परिवारों को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

साहू ने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने भूमि, अनुमति और अन्य प्रशासनिक अड़चनों का समय पर समाधान करने के निर्देश दिए।

बिलासपुर के कचरा प्रबंधन पर भी चर्चा

बैठक में सिटीज 2.0 की शहरवार प्रगति की भी समीक्षा की गई। जलवायु अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। स्टेट क्लाइमेट सेल्स की प्रगति का भी आकलन किया गया।

बिलासपुर में प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित कार्यों और जरूरी कदमों की समीक्षा की गई।

साहू ने कहा कि मजबूत अंतर-एजेंसी समन्वय, लगातार निगरानी और समय पर फैसले ही शहरी परियोजनाओं की सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप स्वच्छ, हरित, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार शहरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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