हेलमेट, पुलिस वेरिफिकेशन, सीसीटीवी और सेफ्टी ऑडिट पर जोर
CBN36 बिलासपुर। उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर जिला उद्योग संघ, बिलासपुर ने महत्वपूर्ण पहल की है। संघ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह द्वारा औद्योगिक संस्थानों में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर दिए गए निर्देशों की सराहना करते हुए सभी उद्योगपतियों से सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने की अपील की है।
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सतीश शाह और महासचिव शरद सक्सेना ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन, पुलिस सत्यापन और आपातकालीन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य करने पर जोर
संघ ने दोपहिया वाहनों से आवागमन करने वाले कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने का सुझाव दिया है। कर्मचारियों को भारतीय मानक (ISI) प्रमाणित हेलमेट का उपयोग करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। आवश्यकता होने पर उद्योग प्रबंधन द्वारा हेलमेट उपलब्ध कराने अथवा उसकी राशि की व्यवस्था कर वेतन से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कटौती करने का सुझाव भी दिया गया है।
मशीनरी और विद्युत उपकरणों में सुरक्षा प्रोटोकॉल जरूरी
औद्योगिक इकाइयों में मशीनरी, केमिकल और विद्युत उपकरणों के संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया है। संघ ने कहा कि नियमित सुरक्षा व्यवस्था से औद्योगिक दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन
कारखानों और संस्थानों में कार्यरत बाहरी एवं स्थानीय कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन कराने की आवश्यकता बताई गई है। इससे औद्योगिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता की व्यवस्था
संघ ने औद्योगिक इकाइयों में आपातकालीन नंबरों और पुलिस सहायता की जानकारी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने का सुझाव दिया है, ताकि दुर्घटना अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक परिसरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, रात्रि पाली में सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था करने तथा कार्यस्थल सुरक्षा समितियों का गठन करने पर भी जोर दिया गया है।
नियमित सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल जरूरी
जिला उद्योग संघ ने औद्योगिक इकाइयों में समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट कराने की बात कही है। अग्निशामक यंत्रों, आपातकालीन निकास सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और मॉक ड्रिल आयोजित करने का सुझाव दिया गया है।
सुरक्षा से बनेगा विश्वास का माहौल
संघ ने कहा कि इन सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में अपराध और हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि कर्मचारियों के बीच सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी मजबूत होगा। संघ ने सभी उद्योगपति साथियों से कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा उपायों को अपने-अपने उद्योगों में अनिवार्य रूप से लागू करने की अपील की है।
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