रथयात्रा के साथ शुरू हुए पर्वों के सिलसिले से पूजा सामग्री और व्रत के सामान की मांग बढ़ी, खुदरा बाजार में लौटी रौनक
बिलासपुर। रथयात्रा के साथ ही पर्व-त्योहारों का सिलसिला शुरू हो गया है। आगामी गुप्त नवरात्रि, सावन, गणेशोत्सव और शारदीय नवरात्रि को देखते हुए पूजा सामग्री और व्रत में उपयोग होने वाले सामान की मांग बढ़ने लगी है। इसका असर बाजार में भी दिखाई देने लगा है। सबसे अधिक तेजी सूखे नारियल की कीमतों में दर्ज की गई है। एक माह पहले तक 25 से 30 रुपये प्रति नग बिकने वाला सूखा नारियल अब 30 से 40 रुपये प्रति नग तक पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों का असर खुदरा खरीदारी पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
व्यापारियों के अनुसार त्योहारी सीजन नजदीक आने के कारण थोक बाजार में खुदरा कारोबारियों की खरीद बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ ही कई पूजा सामग्रियों के दाम भी ऊपर जाने लगे हैं। हालांकि बाजार अभी पूरी तरह से रफ्तार नहीं पकड़ पाया है, लेकिन आगामी दिनों में मांग और कीमत दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सूखे नारियल की जगह कच्चे नारियल को मिल रही प्राथमिकता
सूखे नारियल के दाम 40 रुपये प्रति नग तक पहुंचने के बाद इसकी खुदरा मांग में लगभग 75 प्रतिशत की गिरावट आई है। कीमत बढ़ने के कारण उपभोक्ता अब 20 से 30 रुपये प्रति नग में मिलने वाले कच्चे नारियल को अधिक पसंद कर रहे हैं। मांग बढ़ने से कच्चे नारियल के दाम में भी करीब पांच रुपये प्रति नग की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसकी कीमत अभी भी अधिकांश उपभोक्ताओं की पहुंच में बनी हुई है।
धूप-कपूर समेत अन्य पूजा सामग्री भी महंगी
नारियल के अलावा धूप, कपूर और अन्य पूजा सामग्री के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं व्रत में उपयोग होने वाली कई खाद्य सामग्रियों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। कारोबारियों का कहना है कि जैसे-जैसे त्योहारी सीजन आगे बढ़ेगा, मांग के साथ कीमतों में भी और इजाफा हो सकता है।
प्रधान संपादक


