बिलासपुर, 30 मई। बिल्हा क्षेत्र में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने आयोजन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा नेताओं ने सरकार की पहल का बचाव करते हुए इसे जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे और ग्रामीणों से आवेदन एवं शिकायतें लेने की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन पहले से ही जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करता, तो लोगों को बार-बार आवेदन देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। कांग्रेस नेताओं ने सुशासन तिहार की उपयोगिता और उद्देश्य पर भी सवाल उठाए।
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके निराकरण का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर जनहित के मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
दोनों पक्षों के नेताओं के बीच कुछ समय तक तीखी बहस हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर गहमागहमी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों और मौजूद कार्यकर्ताओं ने स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा।
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस जहां सुशासन तिहार की मंशा और प्रभावशीलता पर प्रश्न उठा रही है, वहीं भाजपा इसे जनता और शासन के बीच संवाद स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल बता रही है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान हुई नोकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए।
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