छत्तीसगढ़। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट में एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित मानकों के तहत आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करना था। यह अभ्यास प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
मॉक ड्रिल के दौरान विमान के हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को सूचित किया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी एवं स्थानीय थाना पुलिस सहित एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम में पहुंच गए और रणनीति बनाई गई।
ड्रिल के अनुसार विमान में 30 यात्री सवार थे। इस दौरान दो हाईजैकर्स ने अपनी मांगें एयरोड्रोम कमिटी के समक्ष रखीं। वहीं एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हाईजैकर को मार गिराया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट के एमआई रूम में प्राथमिक उपचार दिया गया। पूरी मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई।
इस प्रकार की मॉक ड्रिल से विमान अपहरण जैसी वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय एवं यात्रियों को सुरक्षित निकालने की क्षमता का परीक्षण होता है। इससे आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
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