रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक मितव्ययिता निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा 15 मई 2026 को जारी आदेश में सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा गया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से ये निर्देश लागू किए गए हैं। आदेश 30 सितंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
जारी निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्रियों, निगम-मंडलों और आयोगों के काफिले में केवल आवश्यक वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा। साथ ही शासकीय संसाधनों के संयमित उपयोग पर जोर दिया गया है। सरकार ने सरकारी वाहनों में पेट्रोल-डीजल खर्च कम करने तथा वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए हैं।
राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से सभी शासकीय वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू करने कहा है। वहीं अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अनिवार्य स्थिति में मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
विभागों को भौतिक बैठकों की संख्या सीमित करने और अधिकतम समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि आवश्यक होने पर ही प्रत्यक्ष बैठक आयोजित की जाए।
सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा बचत पर भी विशेष जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद सभी विद्युत उपकरण जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएंगे, ताकि बिजली खर्च में कमी लाई जा सके।
सरकार ने ई-ऑफिस और डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के निर्देश भी जारी किए हैं। बैठकों में प्रिंटेड पेपर और बुकलेट के स्थान पर PDF एवं अन्य डिजिटल फाइलों के उपयोग को अनिवार्य किया गया है। साथ ही कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से करने कहा गया है, ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च में कटौती हो सके।
इसके अलावा विभागों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन प्रशिक्षण व्यवस्था से भौतिक प्रशिक्षण पर होने वाला खर्च कम किया जा सकेगा। विभागों से अपने प्रशिक्षण कोर्स पोर्टल पर अपडेट करने को भी कहा गया है।
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