करोड़ों रामभक्तों की आस्था के सम्मान एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर बिलासपुर में निकलेगी श्रद्धा यात्रा
बिलासपुर।अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुई चोरी की घटना ने देशभर के करोड़ों रामभक्तों को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उन असंख्य श्रद्धालुओं की भावनाओं पर आघात है जिन्होंने भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को अपनी आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना है।
श्रीराम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों से नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, समर्पण और जनसहभागिता से हुआ है। बिलासपुर शहर से लेकर जिले के गांव-गांव तक असंख्य परिवारों ने अपनी श्रद्धानुसार अंशदान देकर इस दिव्य मंदिर के निर्माण में सहभागिता निभाई थी। अनेक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर स्वयं को धन्य मान चुके हैं। ऐसे पावन धाम में हुई चोरी की घटना ने देशभर सहित छत्तीसगढ़ और बिलासपुर जिले के श्रद्धालुओं की आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है।
इसी जनभावना और भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए शनिवार, 11 जुलाई को दोपहर 3:00 बजे तिलक नगर हनुमान मंदिर से माँ महामाया मंदिर तक “श्रीराम श्रद्धा पदयात्रा” निकाली जाएगी।
यह पदयात्रा पूरी तरह श्रद्धा, आस्था और जनभावनाओं को समर्पित होगी। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि करना नहीं है। यह यात्रा किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा प्रकट करने, करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करने तथा अयोध्या में हुई चोरी के दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं शीघ्र कार्रवाई की मांग के लिए आयोजित की जा रही है।
हम शासन एवं संबंधित जांच एजेंसियों से मांग करते हैं कि इस घटना की त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस कोई न कर सके।
बिलासपुर जिले के सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं, मातृशक्ति एवं नागरिकों से विनम्र आग्रह है कि वे इस श्रद्धा पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। केवल तिलक नगर हनुमान मंदिर में ही एकत्र होने की आवश्यकता नहीं है। पदयात्रा जिस-जिस मार्ग से गुजरेगी, वहां के श्रद्धालु अपने-अपने मोहल्ले, वार्ड, चौक और क्षेत्र से इसमें शामिल होते जाएं तथा माँ महामाया मंदिर तक यात्रा का हिस्सा बनकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा और एकजुटता का परिचय दें।
आइए, हम सब मिलकर यह संदेश दें कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। उनकी जन्मभूमि की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
जय श्रीराम।
जारीकर्ता:
विजय केशरवानी
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष, बिलासपुर
बेलतरा विधानसभा प्रत्याशी
प्रधान संपादक


