रायपुर, 4 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ प्रबंधन के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य को खनिज राजस्व के रूप में 16,625 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत है।

खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद के अनुसार, यह उपलब्धि प्रभावी नीति क्रियान्वयन, सशक्त निगरानी प्रणाली और सुशासन का प्रत्यक्ष परिणाम है। राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में इस सफलता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वर्ष 2025–26 में खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सुधारात्मक एवं तकनीकी उपाय अपेक्षित परिणाम दे रहे हैं।
राजस्व वृद्धि के प्रमुख कारणों में एनएमडीसी (NMDC) एवं अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है। साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य करेगी, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल एवं एकीकृत बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और मजबूत करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली का व्यापक विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
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