सामाजिक विसंगतियों को दूर करना जरूरी : नेहरू राम निषाद
रायपुर, 25 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सभागार में बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के समग्र विकास के लिए व्यापक सर्वेक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति का सही आकलन करने के लिए इस प्रकार का सर्वेक्षण सांख्यिकीय विभाग के माध्यम से कराया जाना चाहिए।

डॉ. कुसमरिया ने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष सम्मान समारोह आयोजित किए जाएं, जिससे समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और जागरूकता बढ़े। साथ ही, देशभर के पिछड़ा वर्ग आयोगों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर साझा मुद्दों और नीतिगत प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किए जाने की आवश्यकता भी जताई। छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्होंने आयोग के कार्यों की समीक्षा कर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने कहा कि ओबीसी वर्ग के अंतर्गत आने वाली विभिन्न जातियों की सामाजिक स्थिति ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न रूप में परिलक्षित होती है। उन्होंने सामाजिक विसंगतियों को दूर करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत लाल मटियारा, उपाध्यक्ष डॉ. लखन धीवर तथा रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आयोग के सचिव द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग के हितों के संरक्षण और संवर्धन हेतु किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें आयोग की संरचना, अधिकारों, प्राप्त शिकायतों तथा जाति समावेशन से संबंधित प्रकरणों का उल्लेख किया गया। अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखते हुए पिछड़ा वर्ग के समग्र उत्थान के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
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