
आदि परब’ जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने का बेहतर आयोजन

आदि परब’ चित्रकला और परिधान को मिला ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे अटायर शो का लिया आनंद
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार के सहयोग से बस्तर क्षेत्र में शांति और खुशहाली बहाल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।
नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान “परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से वंचित रहा, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और प्रदेश नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र में अमन-चैन के साथ समृद्धि का नया दौर देखने को मिलेगा।
‘आदि परब’ में जनजातीय संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘आदि परब’ की थीम “परंपरा से पहचान तक” रखी गई थी। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी कलाकारों ने भाग लिया। प्रदेश की 43 जनजातियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक रही।
इस दौरान पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। ‘आदि परब’ की चित्रकला और परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया। यह छात्रावास जनजातीय विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।
जनजातीय विरासत को सहेजने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के दौर में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित संग्रहालयों में से एक वीर नारायण सिंह की जीवनगाथा को समर्पित है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था।
आदिवासी समाज के लिए केंद्र की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला, जो पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में चिन्हित 6691 बसाहटों का विकास किया जा रहा है। वहीं पीएम जनमन योजना के माध्यम से प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवारों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले जनजातीय समाज के युवाओं और प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को सम्मानित किया, जिनका चयन आईआईटी और एनआईटी में हुआ है। साथ ही ‘प्रयास’ विद्यालयों के छात्रों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए गए।
समारोह में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण, विभिन्न आयोगों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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