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February 5, 2026 3:18 am

आरक्षक भर्ती नियुक्तियों पत्र जारी करने में हाई कोर्ट ने लगाई रोक

बिलासपुर. वर्ष 2023 में क़रीबन 6000 कॉन्स्टेबल पदों में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान फिजिकल टेस्ट में काफ़ी भ्रष्ट तरीक़ों से उसे संपन्न किया गया था।फिजिकल टेस्ट में डेटा रिकॉर्डिंग के लिए टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स शासन के द्वारा नियुक्त किया गया था। वह कंपनी बिना निष्पक्ष रूप से एवं कई अभ्यार्थियों को पैसों के लेनदेन करते हुए अनुचित लाभ दिया गया था। जिससे परिवेदीत होकर जिला सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली निवासी मनोहर पटेल, विवेक दुबे, मृत्युंजय श्रीवास, कामेश्वर प्रसाद गजराज पटेल, अजय कुमार जितेश बघेल, अश्वनी कुमार यादव, ईशान ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका पेश की थी. याचिका की सुनवाई जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू के कोर्ट में हुई। याचिकाकर्ताओ के अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी कहा कि शासन के द्वारा कि गई कार्यवाही की रिपोर्ट में स्वयं अधीक्षक जिला बिलासपुर नए स्वीकारा है कि भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट के दौरान कई गड़बड़ियों की गई है एवं ग़लत डेटा दर्ज किए गए हैं ।यहाँ तक टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा CCTV फ़ुटेज भी डिलीट किए गए हैं। शासन द्वारा कार्यवाहीं मैं कुल 129 अभ्यार्थियों का नाम सामने आया है जिन्हें अनुचित लाभ देते हुए ज़्यादा अंक प्रदान किए गए थे।पुलिस भर्ती प्रक्रिया नियम 2007 के नियम 7 मैं साफ़ साफ़ दर्शित है कि अगर पुलिस भर्ती प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो भर्ती प्रक्रिया को संपूर्ण रूप से रद्द किया जाएगा और नई भर्ती प्रक्रिया कराई जाएंगी. इसी प्रकार चयन प्रक्रिया का समापन, अंतिम सूची का जारी होना और नियुक्ति आदेश का प्रकाशन गैरकानूनी है तथा पुलिस भर्ती नियम 2007 के प्रावधानों के विरुद्ध है। यह की याचिकाकर्ता का यह भी कथन रहा है की यह जो प्राइवेट इंडिपेंडेंस एजेंसी टाइम टेक्नोलॉजी जिसने की फिजिकल टेस्ट कराया है जिसमें लंबी कूद और भाला फेंक जो भी फिजिकल एक्टिविटीज है उसमें गंभीर अनियमितता हुई है अगर जांच होगी या तो इंडिपेंडेंस एजेंसी से या सीबीआई से और यह भी तथ्य सामने आएंगे की सभी जिलों में ना की गंभीर अनियमित हुई है बल्कि काफी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है और जो कांस्टेबल चयनित हुए हैं और याचिकाकर्ताओं जैसे मेरीटोरियस कैंडीडेट्स का चयन नहीं हो पाया है अगर हर जिले में चयन समिति के अध्यक्ष पुलिस अध्यक्ष अगर सही तरीके से जांच करते तो यह जो गंभीर अनियमित हुई है यह सामने आती हैअधिवक्ता मतीन सिद्दीकी की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू ने राज्य को अगली सुनवाई की तारीख तक कांस्टेबल पद के लिए आगे कोई नियुक्ति आदेश जारी पर रोक लगाते हुए उत्तरवादीगण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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