“कलेक्टर संजय अग्रवाल का बड़ा फैसला, डीएमएफ से मिलेगा पीरियडवार मानदेय; एक माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश,गणित-विज्ञान पढ़ाने वालों को डीएमएफ से मिलेगा मानदेय”
CBN36 बिलासपुर। दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की कमी अब बच्चों की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों की पढ़ाई के लिए स्थानीय पात्र युवाओं की सेवाएं ली जाएंगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसके लिए डीएमएफ से पीरियडवार मानदेय देने और पूरी व्यवस्था एक महीने के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं। स्वीकृत पद खाली होने पर संकुल स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में शिक्षा व्यवस्था समेत जिले में चल रहे विकास कार्यों और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं बरतने और काम की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
सरकारी भवन बनेंगे, लेकिन जगह के चयन में नहीं चलेगी लापरवाही
जिले में स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्थल चयन को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं के लिए बड़ी संख्या में निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं, ऐसे में संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसियां काम की नियमित निगरानी करें। सरकारी पैसा सीमित है और बार-बार उपलब्ध नहीं होता, इसलिए गलत जगह पर निर्माण की गुंजाइश नहीं है।
जिले में फिलहाल 230 आंगनबाड़ी भवन, 125 पीडीएस दुकान और 325 स्कूल टॉयलेट स्वीकृत किए गए हैं।
750 स्कूलों में स्मार्ट टीवी, पढ़ाई की भी होगी निगरानी
स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि जिले के करीब 750 स्कूलों में स्मार्ट टीवी से पढ़ाई कराई जा रही है। कलेक्टर ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ई-ऑफिस में शून्य काम तो दो दर्जन अफसरों को नोटिस
ई-ऑफिस की समीक्षा में करीब दो दर्जन कार्यालय प्रमुखों की उपलब्धि शून्य मिली। इस पर कलेक्टर ने संबंधित कार्यालय प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
डीसीएस सर्वे की रफ्तार पर भी नजर
डीसीएस सर्वे की समीक्षा में जिले में अब तक करीब 39 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई। कलेक्टर ने सर्वे की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति जांचने के लिए जिला स्तरीय टीम को मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बांध-नदी किनारे गांवों में तैराक बनेंगे ‘जलमित्र’
बाढ़ और आपदा की स्थिति में तत्काल बचाव के लिए प्रशासन अब स्थानीय तैराकों को तैयार करेगा। बड़े बांधों और नदी-नालों के किनारे बसे गांवों के कुशल तैराकों को ‘जलमित्र’ बनाया जाएगा। इन्हें आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य का प्रशिक्षण देने के साथ जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि आपदा के समय स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित तैराकों की मौजूदगी से राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
जनदर्शन से पीएम पोर्टल तक, लंबित मामलों पर मांगी तेजी
कलेक्टर अग्रवाल ने सीएम जनदर्शन, पीएम पोर्टल और ई-समाधान समेत विभिन्न माध्यमों से प्राप्त लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता से और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे,शिक्षक नहीं तो स्थानीय युवा पढ़ाएंगे, एकल शिक्षकीय स्कूलों में नहीं रुकेगी पढ़ाई
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