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September 1, 2026 10:28 am

बेलतरा विधायक के बयान पर अंकित गौरहा का पलटवार, बोले बयानबाजी से नहीं, काम से बढ़ता है राजनीतिक कद

गृह विभाग को ‘व्यक्तिगत व्यवस्था’ बताने पर जताई आपत्ति, बोले- संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादा का रखें ध्यान

 CBN36 बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के हालिया बयानों पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधियों से संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और भाषा की गंभीरता बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने विधायक के बयान में गृह विभाग को लेकर इस्तेमाल किए गए ‘व्यक्तिगत व्यवस्था’ जैसे शब्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह विभाग किसी व्यक्ति की निजी व्यवस्था नहीं, बल्कि संविधान, कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत संचालित होने वाला महत्वपूर्ण सरकारी विभाग है।

गौरहा ने कहा कि यदि विधायक के बयान का आशय कुछ और था तो उन्हें उसे स्पष्ट करना चाहिए। सरकार और शासन-व्यवस्था किसी व्यक्ति की निजी व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह संवैधानिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बयान सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करते हैं, इसलिए शब्दों के चयन में भी जिम्मेदारी अपेक्षित है।

युवा कांग्रेस के चुनाव को ‘गुंडों का समूह’ बताने पर जताई आपत्ति

अंकित गौरहा ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को ‘गुंडों का समूह’ बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होते हैं, जिसमें युवा कार्यकर्ता भाग लेते हैं और अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध करना हर दल का अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है तो कानून अपना काम करेगा, लेकिन पूरे संगठन और उसके चुनाव में शामिल युवाओं को एक ही नजर से देखना न्यायसंगत नहीं है।

गौरहा ने कहा कि बिलासपुर की घटना और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस हो सकती है, लेकिन उस बहस को युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव से जोड़ना उचित नहीं है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं पर टिप्पणी से नहीं बढ़ता राजनीतिक कद

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर की जा रही टिप्पणियों को लेकर गौरहा ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक टिप्पणी करना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है, लेकिन लगातार बयानबाजी से किसी जनप्रतिनिधि का राजनीतिक कद अपने आप नहीं बढ़ता।

उन्होंने कहा कि भाजपा में भी किसी पद या जिम्मेदारी की अपेक्षा केवल ऐसे बयानों के आधार पर नहीं की जानी चाहिए। बेहतर होगा कि विधायक अपनी जिम्मेदारियों और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यदि विधायक क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए अधिक समय दें तो यह जनता के लिए ज्यादा उपयोगी होगा।

राजनीति में भाषा भी जिम्मेदारी का हिस्सा

कांग्रेस नेता ने कहा कि जनप्रतिनिधि की पहचान केवल उसके बयानों की तीव्रता से नहीं, बल्कि उसके काम, तर्क और जनता के प्रति जवाबदेही से होती है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन असहमति के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

गौरहा ने कहा कि गृह विभाग जैसी महत्वपूर्ण सरकारी व्यवस्था को ‘व्यक्तिगत व्यवस्था’ बताना और किसी राजनीतिक संगठन के चुनाव में शामिल युवाओं के लिए ‘गुंडों का समूह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि बेलतरा की जनता राजनीतिक बयानबाजी से अधिक काम, जवाबदेही और जनहित को महत्व देती है। जनप्रतिनिधियों को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के वास्तविक मुद्दों, विकास और जनसमस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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