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August 31, 2026 5:35 pm

खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा छत्तीसगढ़, अन्वेषण से एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन : मुख्यमंत्री साय

क्रिटिकल मिनरल्स के 20 ब्लॉक्स की आठवीं किश्त में छत्तीसगढ़ के 5 ब्लॉक्स शामिल, निवेशकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान

CBN36 रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्वेषण से लेकर उत्खनन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित की जाएगी। इससे निवेश और उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोमवार को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने निवेशकों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज अवसरों का लाभ उठाने और खनिज आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों में निवेश करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आने वाले समय में भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामरिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार होंगे। रक्षा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, बैटरी, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए इनकी विश्वसनीय आपूर्ति जरूरी है।

छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स की व्यापक संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट्स, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम और गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट की संभावनाएं हैं। नीलामी की आठवीं किश्त में देश के सात राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें पांच ब्लॉक्स छत्तीसगढ़ के हैं।

उन्होंने कहा कि इन ब्लॉक्स की नीलामी केवल खनिज संसाधन हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि अन्वेषण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, तकनीकी नवाचार और नए उद्योगों के विकास का अवसर है।

खनिज आधारित उद्योगों के लिए मजबूत इकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में उपलब्ध खनिज, ऊर्जा, भूमि, कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना इन उद्योगों के लिए मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक आधार तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान तथा रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

खनिज राजस्व बढ़कर 16 हजार करोड़ से अधिक

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व करीब 400 करोड़ रुपए था। ढाई वर्ष पहले यह लगभग 12 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। खनिज राजस्व का उपयोग विकास और जनकल्याण के कार्यों में किया जा रहा है। डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम हो रहा है।

56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की सफल नीलामी

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स में आत्मनिर्भरता भारत की आर्थिक और सामरिक शक्ति के लिए आवश्यक है। केंद्र सरकार सतत और जिम्मेदार खनन के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की सफलता केवल आवंटन से नहीं, बल्कि अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन से मापी जानी चाहिए। खनन क्षेत्रों में आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी नागरिक सुविधाओं का सुनियोजित विकास भी जरूरी है।

खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि देश में अब तक क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के 88 ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि देश के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई।

ढाई वर्षों में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट

खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी के प्रबंध संचालक रजत बंसल ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए और 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य को करीब 16,700 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है, जिनसे लगभग चार लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व की उम्मीद है। खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ 2.0 और ई-नीलामी जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी को भी मजबूत किया गया है।

ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-रेत संगवारी के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जाएगा। वहीं दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से टिन पोर्टल शुरू किया गया है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू किया गया। वहीं कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग प्रशिक्षण के लिए सीएमडीसी और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच भी समझौता हुआ। इन एमओयू से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग, कौशल विकास और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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