आठ गांवों की जमीन के क्रय-विक्रय और विभाजन पर प्रतिबंध, अधिग्रहण पूरा होने तक लागू रहेगा आदेश
CBN36 बिलासपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित बिलासपुर-उत्तरी बाईपास के निर्माण को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बाईपास के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली जमीन के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित अधिसूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा।
कलेक्टर के आदेश के मुताबिक बिलासपुर-उत्तरी बाईपास के किलोमीटर 0.000 से 20.921 तक प्रस्तावित चारलेन मार्ग के एलाइनमेंट में आने वाली जमीन इस प्रतिबंध के दायरे में होगी। इसमें जिले के सेंदरी, रमतला, बिरकोना, नगोई, बिजोर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका गांव शामिल हैं। इन आठ गांवों के कुल 644 खसरों की भूमि पर क्रय-विक्रय और विभाजन संबंधी रोक लगाई गई है।
अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए फैसला
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक ने इन क्षेत्रों में जमीन की अवैध और अनधिकृत खरीद-बिक्री की आशंका जताते हुए प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था। इसके बाद प्रशासन ने यह आदेश जारी किया।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 14 अक्टूबर 2024 को जारी निर्देशों में भी भू-अर्जन की प्रक्रिया के अधीन भूमि के अंतरण, बटांकन, व्यपवर्तन और क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं।
छोटे भूखंड बनने से बढ़ सकती है अधिग्रहण लागत
प्रशासन के अनुसार भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन का अवैध अंतरण या छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन होने से अधिग्रहण की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। इससे न केवल मूल भूमि स्वामियों के हित प्रभावित हो सकते हैं, बल्कि सार्वजनिक हित की इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन में भी देरी की आशंका रहती है।
20.921 किमी लंबा होगा चारलेन बाईपास
प्रस्तावित बिलासपुर-उत्तरी बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर करीब 20.921 किलोमीटर लंबा चारलेन मार्ग होगा। प्रशासन का कहना है कि जमीन संबंधी प्रतिबंध से आवश्यक भू-अधिग्रहण प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने में अनावश्यक अड़चनें कम होंगी।
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