लोधीपारा चौक पर यातायात पुलिस ने दिखाई इंसानियत, समय गंवाए बिना अस्पताल पहुंचाया; परिजनों ने कहा-पुलिस ने समय पर मदद न की होती तो…

लोधीपारा चौक पर उस रात यातायात पुलिस सिर्फ ट्रैफिक नहीं संभाल रही थी-वह इंसानियत की जिम्मेदारी भी निभा रही थी।
CBN36 रायपुर।वर्दी सिर्फ कानून और यातायात व्यवस्था संभालने के लिए नहीं होती, जरूरत पड़ने पर वही वर्दी किसी के लिए जिंदगी की उम्मीद भी बन जाती है। रायपुर के लोधीपारा चौक पर सोमवार रात यातायात पुलिस की ऐसी ही मानवीय तस्वीर सामने आई, जिसने पुलिस के संवेदनशील चेहरे को उजागर किया।
रात करीब 8 बजे मोवा निवासी एक युवती पैदल लोधीपारा चौक की ओर जा रही थीं। अचानक उन्हें चक्कर आया और वे सड़क पर गिरकर बेहोश हो गईं। चौक पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे निरीक्षक अमित पद्मसाली और उनके साथ तैनात आरक्षक रमेंद्र वर्मा एवं विजय सोनवानी ने युवती को सड़क पर गिरा देखा तो बिना किसी देरी के उनकी ओर दौड़ पड़े।
पहले बचाई जान, बाद में बाकी काम
युवती बेहोश थीं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद महिला आरक्षक और अन्य लोगों की मदद से युवती को उठाया। इसके बाद किसी तरह की देरी किए बिना उन्हें यातायात पुलिस के शासकीय वाहन से जिला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों से संपर्क किया और युवती का प्राथमिक उपचार शुरू कराया। उपचार के बाद युवती को होश आया तो पुलिस ने उनसे उनके परिजनों की जानकारी ली और तत्काल परिवार को सूचना दी।
अस्पताल पहुंचे परिजन, बेटी को सुरक्षित देख मिली राहत

सूचना मिलते ही युवती के परिजन अस्पताल पहुंचे। अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर उनके चेहरे पर राहत लौट आई। परिजनों ने यातायात पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
उनके लिए यह महज पुलिस की ड्यूटी नहीं थी, बल्कि उस वक्त सबसे जरूरी था एक इंसान की मदद करना।
यातायात संभालने के साथ इंसानियत भी ड्यूटी का हिस्सा
लोधीपारा चौक की यह घटना बताती है कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ यातायात नियंत्रित करने, नियमों का पालन कराने या व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। सड़क पर किसी नागरिक की जान मुश्किल में हो तो तत्काल सहायता के लिए आगे आना भी पुलिस के कर्तव्य का अहम हिस्सा है।
यातायात पुलिस की इस तत्परता से युवती को समय पर अस्पताल और आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सकी। कुछ मिनटों की देरी भी स्थिति को गंभीर बना सकती थी, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तुरंत निर्णय लिया।
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