चांदो में 290 और कोटाडोल में 168 मिमी बारिश, नदी-नाले उफान पर; आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। भारी बारिश के चलते मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में तरईया नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद प्रशासन ने पुल से वाहनों और पैदल आवाजाही पर रोक लगा दी है। कई अन्य इलाकों में भी सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

पिछले 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों ने हालात की गंभीरता साफ कर दी है। बलरामपुर के चांदो में सर्वाधिक 290 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद एमसीबी के कोटाडोल में 168 मिमी, कुसमी में 130 मिमी, प्रतापपुर और शंकरगढ़ में 120-120 मिमी बारिश हुई।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
चांदो : 290 मिमी
कोटाडोल : 168 मिमी
कुसमी : 130 मिमी
प्रतापपुर : 120 मिमी
शंकरगढ़ : 120 मिमी
सामरी : 90 मिमी
भखारा : 70 मिमी
धमतरी : 70 मिमी
रायपुर : 70 मिमी
पुल क्षतिग्रस्त, आवागमन पर ब्रेक
एमसीबी जिले में कोटाडोल-कमर्जी मुख्य मार्ग पर तरईया नदी का पुल बारिश और तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है। पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। इससे आसपास के गांवों और मार्ग से गुजरने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रशासन ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही करने की सलाह दी है। नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण पुल की मरम्मत में भी चुनौती बनी हुई है।
आज रेड अलर्ट, अत्यंत भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। ऐसे में नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
2 सितंबर से कुछ राहत, खतरा बरकरार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने के आसार हैं। हालांकि 3 और 4 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।
मानसून में अब तक 917.1 मिमी बारिश
प्रदेश में 1 जून से 31 अगस्त तक 917.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 933.2 मिमी है। यानी प्रदेश में अब तक बारिश सामान्य से करीब 16.1 मिमी कम है। इसके बावजूद कई इलाकों में कम समय में हुई अत्यधिक बारिश ने जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह

लगातार बारिश के कारण नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा है। प्रशासन ने लोगों से तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार नहीं करने और क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले 24 घंटे प्रदेश के कई इलाकों के लिए अहम माने जा रहे हैं।
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