“मल्हार में मोटरसाइकिल समेत लीलगार नदी में गिरे थे दो युवक, मोहन केवट और साथियों ने लकड़ी के सहारे दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला ,एसडीआरएफ से प्रशिक्षण दिलाकर ‘जल मितान’ बनाने की तैयारी”
CBN36 बिलासपुर/मल्हार। थाना मस्तूरी की चौकी मल्हार क्षेत्र में मनाडेरा रोड पर पड़ने वाली लीलगार नदी में 20 अगस्त को मोटरसाइकिल समेत गिरे दो युवकों की जान बचाकर तीन युवकों ने मानवता और साहस की मिसाल पेश की। नदी में तेज बहाव के बीच डूब रहे युवकों को देखकर मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट और उनके साथियों महेश केवट तथा आदित्य केवट (करण) ने अपनी जान की परवाह किए बिना तत्काल नदी में फंसे युवकों को बचाने का प्रयास शुरू किया और दोनों की जान बचाने में सफल रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट, पिता पचूराम राम, उम्र 24 वर्ष, अपने साथी महेश केवट, पिता रामप्रसाद केवट, निवासी मनाडेरा, थाना मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा तथा आदित्य केवट (करण), निवासी मल्हार के साथ मौजूद थे। इसी दौरान लीलगार नदी के तेज बहाव में मोटरसाइकिल समेत दो युवक नदी में गिर गए। दोनों युवक तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मोहन लाल केवट और उनके साथियों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू किया। सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए उन्होंने लकड़ी की सहायता से नदी में फंसे दोनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस साहसिक प्रयास के चलते दोनों युवकों की जान बच गई।
नदी में गिरने वाले युवकों की पहचान गुड़ा टंडन, पिता मोतिया टंडन तथा दुर्गेश टंडन, पिता मोतिया टंडन, निवासी चकरबेड़ा, चौकी मल्हार के रूप में हुई है। तेज बहाव के बावजूद मोहन लाल केवट और उनके साथियों द्वारा दिखाई गई तत्परता से दोनों युवकों को सकुशल नदी से बाहर निकाला जा सका।
अपनी जान की परवाह किए बिना पहुंचे मदद को
संकट की घड़ी में मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट ने जिस तरह अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना नदी में फंसे युवकों की मदद की, उसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है। उनका यह कार्य केवल साहस का उदाहरण नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी दर्शाता है। विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का उनका प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।
एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
तीनों युवकों के साहस और तत्परता को पुलिस विभाग ने भी सराहा। एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा मोहन लाल केवट, महेश केवट एवं आदित्य केवट करण को उनके सराहनीय एवं साहसिक कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साहस, तत्परता और मानवतापूर्ण कार्य की विशेष रूप से सराहना की गई।
एसडीआरएफ से प्रशिक्षण दिलाकर बनाए जाएंगे ‘जल मितान’
पुलिस विभाग ने कहा कि संकट की स्थिति में बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आना समाज में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। मोहन लाल केवट और उनके साथियों का यह कार्य निश्चित रूप से अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।
ऐसे साहसी और तत्पर लोगों को आगे एसडीआरएफ की टीम के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाकर ‘जल मितान’ के रूप में नियुक्त किए जाने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि नदी या अन्य जलस्रोतों में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान समय रहते राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके और लोगों की जान बचाने में मदद मिले।
लीलगार नदी में दो युवकों की जान बचाने वाले मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट करण का यह साहसिक कदम क्षेत्र में मानवता की मिसाल बन गया है।
प्रधान संपादक




