15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेंगे विशेष जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेज से लेकर गांवों तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश
CBN36 बिलासपुर। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच लोगों को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने साइबर जागृति अभियान की शुरुआत कर दी है। 14 अगस्त को शुरू हुआ यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान स्कूल-कॉलेज, बैंकिंग संस्थानों, ग्राम पंचायतों और विभिन्न वर्गों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस की राज्यव्यापी पहल का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, इसे देश के सबसे अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी सोशल मीडिया अभियानों में शामिल किया गया है। अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के साथ लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
साइबर जागृति की एक सेल्फी’ बनेगी अभियान की पहचान

अभियान की मुख्य थीम ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ रखी गई है। इसके तहत नागरिक बिलासपुर पुलिस द्वारा जारी लिंक पर क्लिक कर अथवा QR कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाले सेल्फी फ्रेम में फोटो ले सकेंगे। इसके बाद वे इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करेंगे। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश तेजी से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचेगा और अभियान में जनभागीदारी भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने रायपुर से किया शुभारंभ

साइबर जागृति अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ रायपुर में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं बिलासपुर में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान अभियान का QR कोड और लिंक जारी करते हुए इसकी शुरुआत की। दोनों अधिकारियों ने स्वयं सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की और नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
सात सप्ताह, सात फोकस-हर वर्ग तक पहुंचेगा संदेश

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि करीब सात सप्ताह तक अलग-अलग विषयों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सुरक्षा, बैंकिंग संस्थानों में UPI धोखाधड़ी से बचाव और वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट व फर्जी कॉल से बचने की जानकारी दी जाएगी।
इसी तरह महिलाओं के लिए स्मार्टफोन प्राइवेसी, युवाओं के लिए जॉब फ्रॉड और फिशिंग, आम नागरिकों के लिए डेटा प्राइवेसी तथा ग्राम पंचायतों में ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
गांधी जयंती पर होगा अभियान का समापन

15 अगस्त से शुरू होने वाले विशेष कार्यक्रमों का सिलसिला 2 अक्टूबर, गांधी जयंती तक चलेगा। अभियान के माध्यम से पुलिस का लक्ष्य साइबर अपराधों से बचाव को केवल पुलिस की जिम्मेदारी न रखकर इसे सामूहिक जनअभियान बनाना है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के प्रति सतर्क रहें। जागरूकता और सतर्कता को ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार बताते हुए पुलिस ने अभियान में अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने की अपील की है।
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